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जवाहर बाजार में बड़ी तोड़फोड़, मालवीय रोड की दुकानों के पीछे 20 गोदाम निगम ने गिराए

3 वर्ष पहले
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नगर निगम ने जवाहर बाजार कांप्लेक्स का काम आगे बढ़ाते हुए मंगलवार को मालवीय रोड की दुकानों के पिछले हिस्से में बने 20 गोदाम तोड़ दिए। दुकानों के पीछे ये गोदाम 12 फीट की लंबाई में बने हुए थे। इन्हें जवाहर बाजार के पुराने मेन गेट के समानांतर तोड़ा गया है। इसी बीच, निगम ने व्यापारियों के आग्रह पर फिलहाल सामने की दुकानें नहीं तोड़ने का फैसला किया है। दुकानें तभी हटाई जाएंगी, जब भीतर कांप्लेक्स तैयार हो जाएगा।

नगर निगम ने पिछले हफ्ते जवाहर बाजार के सभी व्यापारियों को दुकानें खाली करने का नोटिस जारी किया था, ताकि तोड़फोड़ की जा सके। अफसरों का कहना है कि भीतर खाली हिस्से में जितना जरूरी काम था, सब हो चुका है। अब सामने वाले हिस्से में काम शुरू करना जरूरी है। इससे हड़बड़ाए व्यापारियों ने निगम से आग्रह किया था कि कांप्लेक्स बनने में अभी कम से कम एक साल लगेगा। ऐसे में अगर वे अभी दुकानें खाली कर देंगे तो रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। आला अफसरों से विचार-विमर्श के बाद निगम प्रशासन ने तय किया कि दुकानें खाली करने के बजाय अभी पिछले हिस्से को साफ किया जाए। यह हिस्सा भी दुकानदारों का ही है, जिसमें उन्होंने गोदाम बना रखे थे। निगम का तोड़फोड़ दस्ता सुबह 9 बजे बुलडोजर लेकर पहुंचा और तोड़फोड़ शुरू कर दी। गोदामों के 12 फीट हिस्से को ही तोड़ा गया, क्योंकि निगम प्रशासन के मुताबिक अभी काम आगे बढ़ाने के लिए उन्हें इतनी ही जमीन की जरूरत है। उधर, कारोबारियों ने भी आश्वस्त किया है कि निगम को जब जरूरत होगी, बाकी जगह खाली कर दी जाएगी।

कारोबारियों की गुजारिश पर सामने की दुकानें छोड़ीं

शहर का पहला स्मार्ट बाजार

शहर का पहला स्मार्ट जवाहर बाजार 18 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रहा है। नया और सभी सुविधाओं वाला यह बाजार करीब 60 हजार वर्गफीट क्षेत्र में तैयार हो रहा है। दो बेसमेंट पार्किंग होगी। ग्राउंड व फर्स्ट फ्लोर में कारोबारियों के लिए दुकानों के अलावा दूसरे व तीसरे माले कमर्शियल होगा। बाजार में 70 कारोबारी हैं। उनके रोजगार के संकट को देखते हुए ही निगम ने पीछे के हिस्से से काम शुरू किया था जो लगभग आधा हो चुका है।

तोड़फोड़ से फैली आशंका

व्यापारियों को आशंका है कि निगम ने उनके साथ अब तक दुकानों के आवंटन का कोई लिखित दस्तावेज तैयार नहीं किया है। जवाहर बाजार व्यापारी संघ के अध्यक्ष सुभाष बजाज ने कहा कि भय इस बात का है कि किसी पेंच में फंसकर दुकानें न अटक जाए। दुकानों के आबंटन का फैसला मंत्रालय में अटका हुआ है। व्यापारियों ने इसलिए निगम कमिश्नर रजत बंसल से मांग की गई कि फिलहाल निगम को जितनी जरूरत है दुकानों का उतना ही हिस्सा तोड़ा जाए।



इससे कारोबार की दिक्कत नहीं रहेगी।

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