रायपुर | खेलों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न उद्योगों की ओर से कई खेल संघों को हर साल लाखों रुपए की मदद दी जा रही है। फिर भी कई खेल संघ स्टेट चैंपियनशिप का आयोजन नहीं करा रहे हैं। कई फंड की कमी बता रहे हैं। इसी संबंध में उद्योग विभाग, खेल विभाग और सात खेल संघ के पदाधिकारियों की बैठक मंत्रालय में खत्म हुई। शुक्रवार को हुई बैठक में सात खेल संघों से आने वाले समय में खेलों को मदद देने पर चर्चा हुई और अब तक मिली मदद के संबंध में जानकारी ली गई। खेल संघों ने विभाग को 15 से 45 लाख तक की मदद का प्रस्ताव रखा। जिसमे खेल विभाग सात दिन में फैसला करेगा। इसके बाद कई दूसरे खेलों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। विभाग के डायरेक्टर धर्मेश साहू ने बताया कि खेल संघों के साथ बैठक अच्छी रही। जल्द से जल्द खेल संघों को सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। बैठक में खेल सचिव आर प्रसन्ना सहित अन्य अधिकारी मैजूद रहे।
यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट बड़ी समस्या
खेल संघों और उद्योगों के बीच हुई बैठक में कई उद्योगों ने यह सवाल भी उठाया की खेल संघ किस चीज पर कितने रुपए खर्च करते हैं इसकी जानकारी नहीं देते। इसके अलावा किसी तरह का कोई यूटीलाइजेशन सर्टिफिकेट डॉक्यूमेंट भी खेल विभाग में जमा नहीं किया जाता। इस लिए उद्योग रुपए देने से पीछे हटते है। इसके अलावा अब विभाग की ओर से एक अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो खेल को बढ़ावा देने के लिए खेल संघ किस जगह कितने रुपए खर्च कर रहा है। इसकी जानकारी विभाग तक पहुंचाए।