रविवि व दुर्ग विवि से जुड़े कॉलेजों में एलएलबी की करीब हजार सीटें हैं। इसके मुकाबले एलएलएम की यहां सिर्फ 85 सीटें हैं। वह भी रविवि अध्ययनशाला व छत्तीसगढ़ कॉलेज में। सीटें कम होने की वजह से एलएलएम में एडमिशन पाना छात्रों के लिए मुश्किल हो रहा है। इसलिए ही अब एलएलएम की सीटें बढ़ने की मांग उठी है। छात्रों की यह गुहार उच्च शिक्षा मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय तक पहुंची है। इसे लेकर अब संभावना जताई जा रही है कि नए शिक्षा सत्र में एलएलएम की सीटें बढ़ सकती है। रायपुर व दुर्ग संभाग के सरकारी व प्राइवेट कॉलेजों में एलएलबी की पढ़ाई करीब 9 कॉलेजों में हो रही है। एलएलबी प्रथम वर्ष में प्रति वर्ष करीब हजार विद्यार्थी प्रवेश ले रहे हैं। इसके मुकाबले लॉ से संबंधित पीजी कोर्स की पढ़ाई का यहां सीमित सिस्टम है। रविवि अध्ययनशाला में एलएलएम की करीब 45 सीटें हैं। जबकि छत्तीसगढ़ कॉलेज में इन सीटों की संख्या 40 है। सीटें सीमित होने की वजह से दूर-दराज के विद्यार्थियों का रुझान भी एलएलएम के प्रति इन्हीं संस्थानों में रहता है। छात्रों ने बताया कि सहायक प्राध्यापक के लिए नेट या सेट जरूरी है। इन परीक्षाओं में पीजी के बाद ही शामिल हुआ जा सकता है।
इसके लिए आगे की पढ़ाई जैसे एमफिल या पीएचडी भी एलएलएम के बाद होगी। इसलिए नए सीटों की व्यवस्था उच्च शिक्षा को करनी चाहिए। छत्तीसगढ़ कॉलेज में शिक्षक भी प्रर्याप्त है, अन्य सुविधाएं भी है इसलिए यहां सीटें बढ़ाई जा सकती है। इसे लेकर उम्मीद है कि नए सत्र में सीटें बढ़ेंगी। इससे पहले सूत्रों ने बताया कि कॉलेज ने भी सीटें बढ़ाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग को प्रस्ताव भेजा है।
26 मई तक एलएलबी के लिए आवेदन :
रविवि की एलएलबी सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन 26 मई तक स्वीकार किए जाएंगे। 27 से 29 मई तक प्रतिदिन सौ रुपए के विलंब शुल्क के साथ आवेदन किए जा सकते हैं। एलएलबी की सेमेस्टर परीक्षा जून-जुलाई में होगी। इसके लिए प्रति सेमेस्टर नियमित व भूतपूर्व विद्यार्थियों का परीक्षा शुल्क 1170 है। जबकि एटीकेटी का परीक्षा शुल्क 885 रुपए है। रविवि की वेबसाइट prsu.ac.in पर आवेदन से संबंधित जानकारी उपलब्ध है।