रायपुर | ग्रामीण कांग्रेस कमेटी ने बीरगांव इलाके में आबादी पट्टा वितरण में भेदभाव करने का आरोप लगाया है। कमेटी के जिला उपाध्यक्ष इकराम अहमद ने कहा कि बीरगांव, उरला, अछोली, सरोरा, रावाभाठा और उरकुरा को मिलाकर बीरगांव को नगर पालिक निगम साल 2003 में बनाया गया था। इन गांवों में सबसे ज्यादा संख्या गरीब मजदूरों की है। सर्वे के मुताबिक उरला में 104, अछोली में 126, रावाभाठा में 312, सरोरा में 118, उरकुरा में 149 और बीरगांव में 194, इस तरह कुल 1003 मकानों का ही पट्टा जारी किया जाना है।
यह ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। इससे स्पष्ट है कि सर्वे के दौरान भेदभाव किया गया।