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इस बार छत्तीसगढ़ के बच्चों ने मारी बाजी, हरिद्वार में किया गया सम्मान

3 वर्ष पहले
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कम्युनिटी रिपोर्टर | रायपुर

अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से कराई जाने वाली भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में इस बार छत्तीसगढ़ के छात्र-छात्राओं ने बाजी मारी। पिछले दिनों उनका शांति कुंज, हरिद्वार में गायत्री परिवार के प्रमुख प्रणव पंडया ने सम्मान किया। इस पर गायत्री परिवार ट्रस्ट के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी और भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के प्रदेश संयोजक श्याम बैस ने कहा कि ये प्रदेश के लिए गर्व की बात है। प्रदेश के दूरस्थ अंचलो के छात्र-छात्राएं देश में अपनी पहचान बना रहे हैं। भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा लेने का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को भारतीय संस्कृति के तथ्यों से अवगत कराना है। यह परीक्षा संपूर्ण भारत में अंग्रेजी, हिंदी, उड़िया, तमिल, तेलुगु, गुजराती समेत अनेक भाषाओं में ली जाती है।

संस्कृति ज्ञान परीक्षा छत्तीसगढ़ के सचिव सदाशिव हथमल ने कहा कि राज्य बनने से पहले से भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा प्रदेश में कराया जा रहा है। इसमें गायत्री परिजनों का पूरा सहयोग मिलता है। परीक्षा में देश, विदेश, विज्ञान, भूगोल, इतिहास, संस्कृति, देश भक्ति समेत कई विषयों पर आधारित सवाल पूछे जाते हैं।







गायत्री परिवार के पास उत्तरपुस्तिका जांचने की खुद की मशीन है। परीक्षा का उद्देश्य जीवन जीने की कला का प्रशिक्षण देना। सांस्कृतिक नैतिक व राष्ट्रीय मूल्यों का विकास करना है। इस साल परीक्षा में छत्तीसगढ़ से 27 बच्चों ने बाजी मारी है।

संस्कृति ज्ञान परीक्षा

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