केंद्र ने डीजी पुलिस के दो पद रोके पर वन को दिए दो अतिरिक्त पीसीसीएफ
केंद्र ने पुलिस विभाग में डीजी के दो अतिरिक्त पदों की मंजूरी की फाइल तकनीकी पेंच में जरूर अटका दी, लेकिन वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) के दो पदों को मंजूरी दे दी है। दो एक्सट्रा पद मिलने से अब वन विभाग में पीसीसीएफ के छह पद हो गए हैं। इसके बावजूद डीपीसी में पेंच आने से विभाग के तीन बड़े पद खाली हैं। एपीसीसीएफ रैंक के अफसरों को प्रभार सौंपकर काम चलाया जा रहा है। पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ का सबसे महत्वपूर्ण पद भी खाली है। इसी वजह से वन विभाग टाइगर रिजर्व से लेकर हाथियों के कंट्रोल करने को लेकर कोई ठोस प्लानिंग नहीं हो पा रही है। पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ का पद अभी आरके सिंह काम चलाऊ तौर पर संभाल रहे हैं। वे प्रधान मुख्य संरक्षक हैं। इस वजह से उन पर ये अतिरिक्त प्रभार है। विशेषज्ञों और विभाग के जानकारों का मानना है इसी वजह से वे वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन और हाथियों के कंट्रोल की प्लानिंग पर फोकस नहीं हो पा रहे हैं। इसके अलावा वन विकास निगम और वन औषधि बोर्ड के अध्यक्ष का पद भी खाली है। वन विभाग निगम का पद अभी प्रभारी पीसीसीएफ के रूप में राकेश गोवर्धन संभाल रहे हैं, जबकि वन औषधि बोर्ड की जिम्मेदारी प्रभारी पीसीसीफ एके द्विवेदी को सौंपी गई है।
23-24 को डीपीसी, दो बार टल चुकी तारीख
पीसीसीएफ के खाली पदों को भरने 23-24 को डीपीसी होने के आसार हैं। केंद्र से अतिरिक्त पदों पर भर्ती की मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि पहले भी दो बार डीपीसी की तारीख टल चुकी है। इस वजह डीपीसी की संभावित तारीख पर भी कोई फैसला होने पर संशय है। विभाग के जानकारों का कहना है कि प्रधान मुख्य वन संरक्षक एए बोआज के रिटायरमेंट के बाद तीन पदों पर डीपीसी होगी। वरिष्ठता सूची में अभी एके द्विवेदी और केसी यादव सबसे सीनियर हैं। दोनों का प्रमोट होना तय है। उनके बाद पीएमजीएसवाई के सीईओ राकेश चतुर्वेदी का नंबर है।