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रिटेल व्यापार में 40 लाख करोड़ का कारोबार इसलिए मंत्रालय और पॉलिसी दोनों अलग हो

3 वर्ष पहले
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रायपुर | कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ने देशभर के रिटेल व्यापार के लिए एक नेशनल पालिसी फॉर रिटेल ट्रेड बनाने की मांग की है। कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और चेंबर के पूर्व अध्यक्ष अमर पारवानी ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी भी लिखी है। कैट ने बेहतर व्यापार के लिए सुझाव दिया है कि घरेलू व्यापार के लिए अलग से एक आंतरिक व्यापार मंत्रालय का गठन करने के साथ ही विदेश व्यापार को वाणिज्य मंत्रालय से वापस लेकर विदेश मंत्रालय को सौंप दिया जाए। इससे देश का घरेलू व्यापार मजबूत होगा। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया, उपाध्यक्ष पारवानी एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा की देश का घरेलू व्यापार लंबे समय से उपेक्षित रहा है। एनएसएसओ की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इस क्षेत्र से लगभग 45 करोड़ लोगों को रोजगार मिलने के साथ ही हर साल 40 लाख करोड़ से ज्यादा का व्यापार होता है। सभी कारोबार के लिए पालिसी भी है और मंत्रालय भी लेकिन रिटेल व्यापार के लिए न कोई पालिसी है न ही कोई मंत्रालय। इसलिए प्रधानमंत्री को इसमें विशेष दिलचस्पी लेते हुए अलग पॉलिसी और मंत्रालय बनाना चाहिए। इधर दूसरी ओेर कैट पदाधिकारियों ने जीएसटी काउंसिल से मुलाकात कर जीएसटी को और सरल बनाने के सुझाव दिए।



पारवानी ने बताया कि कैट प्रतिनिधिमंडल ने बिहार के उपमुख्यमंत्री और काउंसिल के सुशील मोदी से मुलाकात कर बताया कि देश में दो तरह के व्यापारी हैं। एक वो जो टेक्नोलॉजी जानते हैं और दूसरे वे जो कंप्यूटर को नहीं समझते। इसलिए दो तरह का रिटर्न फॉर्मेट बनना चाहिए।

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