पं. नेहरू मेडिकल कालेज और अंबेडकर अस्पताल के संविदा डाक्टरों का कांफ्रेंस के बहाने विशेष छुट्टी लेकर फैमिली टूर की शिकायतें सामने आई हैं। इसके बाद मेडिकल कालेज की डीन ने कांफ्रेंस के लिए संविदा डाक्टरों के लिए विशेष छुट्टियां ही रद्द कर दी है। नई व्यवस्था बनाई गई है कि कांफ्रेंस में भी आकस्मिक अवकाश लेकर जाना होगा। यह छुट्टियां ज्यादा हो जाएंगी तो वेतन कटेगा। दरअसल अस्पताल में ज्यादा के ज्यादा डाक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ऐसा किया गया है। मेडिकल कॉलेज व अंबेडकर अस्पताल में असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व सीनियर रेसीडेंट के तौर पर 100 से ज्यादा संविदा डाक्टर काम कर रहे हैं। बड़ी संख्या में डाक्टरों की छुट्टी और अस्पताल में बदइंतजामी की शिकायतों की जांच हुई तो पता चला कि ज्यादातर डाक्टर अलग-अलग कांफ्रेंस अटेंड करने के नाम पर छुट्टी पर हैं और फैमिली के साथ हैं। इनमें कुछ सीनियर भी थे, जो कांफ्रेंस के बहाने विदेश टूर या हिल स्टेशन पर छुट्टियां मना रहे थे। इसकी शिकायत डीन डॉ. आभा तक यह शिकायत पहुंच गई। डीन ने पड़ताल की तो शिकायत की पुष्टि हुई। इसके बाद स्थापना शाखा से पड़ताल हुई कि क्या संविदा डॉक्टरों को कांफ्रेंस के नाम पर विशेष अवकाश लेने की पात्रता है? नियम खंगाले गए तो पता चला कि संविदा डॉक्टरों को इसकी पात्रता ही नहीं है, फिर भी यह सिलसिला चल रहा है। यह पता चलने के बाद डीन ने संविदा डाक्टरों के विशेष अवकाश की परंपरा को ही रद्द कर दिया है। कांफ्रेंस पर जाने वाले संविदा डॉक्टरों को अब टीए व डीए भी नहीं मिलेगा। अधिकारियों ने बताया कि विशेष अवकाश का आदेश रद्द होने के बाद इसकी पात्रता भी खत्म हो गई है।
इस छुट्टी का प्रावधान ही खत्म, कटेगा वेतन
आदेश के खिलाफ नाराजगी
डीन के आदेश के बाद ऐसे संविदा डॉक्टर नाराज हैं, जो विशेष अवकाश लेकर कांफ्रेंस के बहाने फेमिली टूर पर जाते रहे हैं। वे इस संबंध में डीएमई कार्यालय में भी शिकायत करने वाले हैं। हालांकि डीन का आदेश होने के कारण इसमें फिलहाल बदलाव की संभावना कम है।