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शनि 142 दिन रहेंगे वक्री, 9 राशियों को अच्छे परिणाम, 3 पर बुरा प्रभाव

3 वर्ष पहले
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शनि 18 अप्रैल को वक्री होंगे। यह अवधि 142 दिनों की होगी। इसके साथ सूर्य भी गोचर में उच्च के हो जाएंगे। ये दोनों परिवर्तन आम जनजीवन से राजनैतिक और वैश्विक संबंधों पर अपना असर दिखाएंगे। 3 राशियों पर इसका काफी बुरा असर दिखेगा, जबकि बाकी 9 राशियों के जातकों को अच्छे परिणाम मिलेंगे।

18 अप्रैल को अक्षय तृतीया मनाई जाएगी। इसी दिन शादियों के मुहूर्त खुलेंगे। साथ ही भगवान परशुराम जयंती भी मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के मुताबिक इस दिन को सतयुग और त्रेतायुग का प्रारंभ दिवस और हयग्रीव का प्राकट्य दिवस भी माना जाता है। इसी दिन कृतिका नक्षत्र में आयुष्मान, सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग का अद्भुत संयोग भी पड़ रहा है। यह संयोग शादी और खरीदारी के लिहाज से काफी शुभ होगा, लेकिन इस दिन शनि का वक्री होना 3 राशियों पर बुरा असर भी दिखाएगा। ज्योतिषियों के मुताबिक 18 की सुबह 7.10 को शनि धनु राशि में ही वक्री हो जाएंगे। इसके चलते विशेष रूप से वृषभ, मिथुन और कर्क राशि के जातकों को 6 सितंबर तक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। खासतौर पर तबीयत से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। शनि की वक्री होना और सूर्य का गोचर में उच्च होना इसलिए भी ज्यादा प्रभावशाली होगा क्योंकि नए संवत्सर यानी नए हिंदू साल के राजा सूर्य हैं और शनि मंत्री पद की जिम्मेदारी में हैं। शनि के वक्री होने से लोगों की निर्णय लेने की क्षमता पर असर पड़ सकता है। पारिवारिक जीवन भी प्रभावित हो सकता है। इधर, शनि की दशा बदलने से धनु, मकर, कुंभ और कन्या राशि के जातकों के लिए लाभ के आसार भी नजर आ रहे हैं।

सुरक्षा से जुड़ी बड़ी चूक होने की आशंका
ग्रह-गोचर के परिवर्तन को ज्योतिष देश-प्रदेश की सुरक्षा से जोड़कर भी देख रहे हैं। इस संबंध में ज्योतिषियों का तर्क है कि देश-प्रदेश में सुरक्षा संबंधी बड़ी चूक हो सकती है। 142 दिन की अवधि में सतर्कता बेहद जरूरी है। इसके अलावा विश्व के कई स्थानों पर बड़ी प्राकृतिक आपदाएं भी सामने आ सकती हैं।

शनि का प्रभाव शुभ भी, अशुभ भी
शनि के वक्री होने से जिन राशियों के लिए शनि शुभ हैं उनकी शुभता में वृद्धि होगी। जिनके लिए अशुभ हैं, उन्हें इस अवधि में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। गुरु और शनि की वक्र गति होने, शनि, मंगल का शुक्र के साथ षड़ाष्टक और शुक्र का गुरु के साथ षड़ाष्टक योग होने से अपराध और दुर्घटनाओं में वृद्धि होगी। - ज्योतिषाचार्य डॉ. दत्तात्रेय होस्करे

इन राशियों पर ये प्रभाव

मेष:
सामंजस्य में परेशानी।

वृषभ: धन संबंधी परेशानी।

मिथुन: स्वास्थ्य पर असर।

कर्क: सामंजस्य में परेशानी।

सिंह: प्रगति।

कन्या: सुख।

तुला: संतान सुख।

वृश्चिक: कष्ट।

धनु: धन लाभ।

मकर: संपत्ति प्राप्ति।

कुंभ: लाभ।

मीन: धार्मिक कार्य।

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