कुछ नहीं जानने वाले भी आज कथाकार: पं. लोकेश
रायपुर | भनपुरी में बुधवार से भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह शुरू हो गया है। इससे पहले दोपहर में महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। छठवा तालाब से निकली यात्रा यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कथा स्थल पहुंची। इस मौके पर जगह-जगह स्थानीय लोगों और संगठनों ने कलश यात्रा का स्वागत भी किया।
कथा के पहले दिन भगवाताचार्य पं. लोकेश कृष्ण महाराज ने कहा कि भागवत कथा कहने का अधिकारी वही होता है जो बैरागी हो। वेदपाठी हो। जिसे वेदों का सशब्द ज्ञान हो। आजकल तो जिन्हें कुछ नहीं आता वे भी कथा कह रहे हैं। कथा के लिए भीड़ की जरूरत नहीं पड़ती। जरूरी है तो भक्तों की। उनके भाव की। भक्तों में ईश्वर के प्रति निष्छल और अनन्य भक्ति होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भागवत पुराण कृष्ण का स्वरूप है। भागवत कथा सुनकर इसके संदेशों को अपने जीवन में उतारेंगे तो मन की व्यथा शांत होगी। जीवन को दिशा मिलेगी। जीवन में कभी भी दुख की घड़ी आए, परेशानी आए तो हम अपने कर्मों को नहीं देखते। उल्टे समय, भाग्य और ईश्वर को दोष देते हैं। आज और अभी से अपने कर्मों को सुधारने का संकल्प लें। भागवत कथा समिति के प्रवक्ता सोमनाथ यादव और तरुण तिवारी ने बताया कि कथा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पूर्व पार्षद चंद्रकली पांडेय, अजय साहू, जयप्रकाश पांडेय, भनपुरी महिला समूह की अध्यक्ष धनलक्ष्मी साहू आदि विशेष रूप से मौजूद रहे।