चांद की तस्दीक नहीं रमजान के रोजे कल से
रायपुर | रमजान के चांद की तस्दीक नहीं होने की वजह से अब पहला रोजा शुक्रवार को रखा जाएगा। पहले रोजे के साथ ही रमजान की शुरुआत हो जाएगी। रमजान में पढ़ी जाने वाली तरावीह की विशेष नमाज गुरुवार से शुरू होगी। शहर के 44 मस्जिदों में पहली तरावीह पढ़ाने के लिए देश के कई राज्यों से कुरआन के हाफिज राजधानी पहुंच चुके हैं। पहला रोजा शुक्रवार को होने की वजह से कई दशकों के बाद एेसा होगा जब लोगों को रमजान के महीने में पांच जुमे मिलेंगे। पांचवां जुमातुल विदा होगा।
राजधानी में बुधवार को चली तेज आंधी की वजह से शाम को मौसम साफ नहीं हुआ। बादलों की वजह से कहीं चांद नजर नहीं आया। मदरसा इस्लाहुल मुस्लेमीन बैजनाथपारा की ओर से आसपास के कई जिलों में चांद की तस्दीक के प्रयास किए गए। कहीं चांद नजर नहीं आया। इस वजह से देर शाम घोषणा की गई कि रमजान की पहली तारीख शुक्रवार को होगी। रमजान के रोजों के इफ्तार और सेहरी के लिए मुस्लिमों मोहल्लों में स्टॉल लगाने का काम शुरू हो गया है। पहली तरावीह के साथ ही इन मोहल्लों में देर रात तक लोगों की चहल-पहल के साथ ही रौनक बनी रहेगी। राजधानी के बैजनाथपारा, मौदहापारा, ईदगाहभाटा, मोमिनपारा, संजयनगर, राजातालाब समेत कई मोहल्लों में इफ्तार के लिए विशेष व्यंजनों की बिक्री की जाएगी। इन मोहल्लों में इसके लिए विशेष रौशनी का भी इंतजाम किया गया है।