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नवतपा से पहले तापमान 43 पहुंचा, ज्योतिषों की चेतावनी- 25 के बाद फिर चढ़ेगा पारा
कम्युनिटी रिपोर्टर | रायपुर
मई के पहले हफ्ते तापमान 43 डिग्री सेंटीग्रेट के करीब पहुंचा तो दूसरे हफ्ते बदली और हल्की बूंदाबादी रही। अभी भी तापमान मई में पड़ने वाली गर्मी से कम है पर ज्योतिषियों ने ग्रहों-नक्षत्रों की गणना कर आशंका जताई है कि 25 मई के बाद तापमान फिर तेजी से बढ़ सकता है। नवतपा के 9 दिनों में से खासतौर पर 3 दिन सबसे ज्यादा गर्मी पड़ेगी। इसके अलावा कुछ दिन बदली और हल्की बारिश जैसा माहौल रह सकता है।
इसका कारण अलग-अलग ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति को बताया जा रहा है। दरअसल, हिंदू पंचांग के नए साल यानी विक्रम संवत् 2075 के राजा सूर्य है। वहीं मंत्री के तौर पर शनि प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इन दोनों ग्रहों का स्वभाव गरम माना जाता है। उस पर नक्षत्रों का समीकरण भी मौसम को प्रभावित करेगा। ज्योतिषाचार्य डॉ. दत्तात्रेय होस्करे ने बताया कि सूर्य जब भी रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है तो गर्मी बढ़ती है। यह अवधि 9 दिनों की होती है। सूर्य के वृषभ राशि में 10 अंश से 23 अंश और 40 कला तक रहने को नवतपा माना गया है। 29, 30 और 31 तारीख को रवि प्रधान नक्षत्र के प्रभावी होने वजह से ये साल के सबसे ज्यादा गरम दिन हो सकते हैं। नवतपा का न केवल मौसम पर बल्कि राशियों पर भी अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा। कन्या, मीन, तुला और वृश्चिक राशि के जातकों को इस अवधि में यात्रा के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए। वृषभ, मिथुन, धनु, सिंह और मकर के लिए यह समय लाभप्रद रहेगा। गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को इन 9 दिनों में सतर्क रहने की जरूरत है।
पिछले तीन सालों में
रोहिणी ने इतना तपाया
2017: 25 मई से रोहिणी शुरू हुई। औसत तापमान 40 से 43 डिग्री रहा।
2016: 25 मई से 7 जून तक रोहिणी। तापमान 43 डिग्री तक पहुंचा।
2015: 25 मई से रोहिणी शुरू हुई। भीषण उमस के साथ तापमान 43 डिग्री।
इस साल 52 दिन बारिश की संभावना जताई
ज्योतिषियों का यह भी कहना है कि इस साल अच्छी बारिश भी हो सकती है। ज्योतिषियों ने सालभर में 52 दिन बारिश होने की संभावना जताई है। उनके मुताबिक सूर्य जब वृषभ राशि और रोहिणी नक्षत्र में परिभ्रमण करते हैं तब वर्षा ऋतु के बनने का समय होता है। वृषभ राशि के स्वामी सूर्य हैं। शुक्र की राशि में सूर्य का परिभ्रमण तपिश पैदा करता है। इसके चलते भी रोहिणी में ज्यादा गर्मी पड़ती है। सूर्य के रोहिणी और वृषभ में परिभ्रमण के 13 दिन दिशा और वास के आधार पर वर्षा ऋतु की स्थिति तय होती है। इसी के आधार पर 52 दिन बारिश की संभावना जताई जा रही है।