पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • रविवि में वरिष्ठ अधीक्षकों की पदोन्नति में गड़बड़ी, समय से पहले डीपीसी, तीन माह में जारी कर दी वरिष्ठता सूची

रविवि में वरिष्ठ अधीक्षकों की पदोन्नति में गड़बड़ी, समय से पहले डीपीसी, तीन माह में जारी कर दी वरिष्ठता सूची

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

रायपुर डीबी स्टार

डीबी स्टार टीम के पास वरिष्ठ अधीक्षकों के पदोन्नति में गड़बड़ी किए जाने का दस्तावेज मौजूद है। टीम ने इसकी पड़ताल की तो खुलासा हुआ कि वर्ष 2018 में छह वरिष्ठ अधीक्षकों की पदोन्नति सूची जारी की गई। इस पदोन्नति को नियमों को ताक पर रखते हुए की गई है। क्योंकि जिस समय डीपीसी की गई, उस समय तक किसी भी कर्मचारियों के पदोन्नति के तीन साल नहीं हुए थे। गुपचुप तरीके से समय अवधि से पहले ही यूनिवर्सिटी में इन्हें पदोन्नति देने के लिए मीटिंग हो गई और नए साल में ही पदोन्नति सूची जारी कर दी गई। यहां तक कि जल्दबाजी इतनी की गई कि तीन महीने में सीनियरटी लिस्ट भी जारी कर दी गई।

अब समझिए... पदोन्नति प्रक्रिया में कैसे की गई गड़बड़ी

पहले पदोन्नति सूची 2014 में

वर्ष 2014 में 31 दिसंबर को 9 कर्मचारियों की पदोन्नति हुई थी। यानि पुरानी पदोन्नति तीन साल पूरे होने के बाद नियम के हिसाब से डीपीसी हुई और पदोन्नति दी गई। इसके बाद सीनियरिटी सूची जारी की गई।

समय अवधि से पहले डीपीसी

ये सभी कर्मचारी अब वर्ष 2018 में पदोन्नति के लिए अर्हता रखते थे, लेकिन डीपीसी 21 दिसंबर 2017 को ही हो गई, जबकि इनकी सीनियरिटी वर्ष 2018 में होनी थी। वर्ष 2018 में ही डीपीसी होना था।

डीपीसी कमेटी भी सवालों के घेरे में?

कमेटी की जिस समय मीटिंग हुई। उस समय कमेटी मेंबरों को उन कर्मचारियों के पुरानी पदोन्नति की जानकारी हासिल करनी थी। पदोन्नति दिनांक की जानकारी मिलने के बाद ही मीटिंग करनी थी, लेकिन कमेटी ने भी पुराने पदोन्नति सूची की जांच नहीं की। समिति ने भी फाइल को अनुमोदित कर िदया।

डीपीसी प्रस्ताव बनाने में क्यों की जल्दबाजी

इधर, डीपीसी की फाइल बनाने में जल्दबाजी की गई है। यानि जिस दिनांक तक कोई भी कर्मचारी पात्र नहीं हो रहे थे, तब ही फाइल बन गई थी। वहीं 21 दिसंबर 2017 को आनन-फानन में डीपीसी की मीटिंग भी हो गई और उसी मीटिंग में डीपीसी किए जाने की अनुमति दे दी गई।

इन्हें मिली पदोन्नति, जनवरी 2018 में जारी हुई है सूची

1 जनवरी 2018 को छह कर्मचारियों को पदोन्नति मिली। इन्हें वरिष्ठ अधीक्षक को कक्ष अधीक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया है...ये है उनके नाम :

चैतराम कंवर दुलारी ठाकुर

कुमारी डुलेश्वरी जीवन लाल

रघुवीर सिंह ठाकुर केके सिंह ठाकुर

इसलिए दबा रहा मामला, क्योंकि ऑनलाइन जारी नहीं किया गया आदेश

वरिष्ठ अधीक्षकों की डीपीसी कर पदोन्नति का मामला दबा दिया गया। क्योंकि आदेश ही ऑनलाइन नहीं किए गए, जबकि किसी भी कर्मचारी को पदोन्नत किया जाता है तो यूनिवर्सिटी के वेबसाइट पर ऑर्डर की कॉपी ऑनलाइन की जाती है, लेकिन आदेश ऑनलाइन नहीं किए गए। सिर्फ पदोन्नत होने वाले कर्मचारी को ही आदेश की कॉपी थमा कर मामला शांत कर दिया गया।

सीधी बात

संदीप वानसूत्रे,
कुलसचिव, रविवि

शिकायत नहींं मिली

 रविवि में वरिष्ठ अधीक्षकों की पदोन्नति में गड़बड़ी हुई है?

 नहीं, ऐसा नहीं हो सकता। दिसंबर में ही डीपीसी हुई है।

 कोई भी कर्मचारी उस दिन तक पात्र ही नहीं थे, फिर क्यों पदोन्नति?

 इस संबंध में शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर जांच होगी।

 इस मामले में क्या कार्रवाई होगी?

 शिकायत आने पर डिपार्टमेंटल कार्रवाई होगी।
खबरें और भी हैं...