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चिरमिरी को मिला तहसील का दर्जा, 1 जुलाई से मिलेंगी सुविधाएं, स्टेडियम की भी घोषणा

3 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज| चिरमिरी/खड़गवां

मुख्यमंत्री द्वारा क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित मांग चिरमिरी तहसील को पूर्ण करते हुए चिरमिरी को तहसील का दर्जा दिया। 1 जुलाई से चिरमिरी को तहसील किए जाने की घोषणा की, कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी के साथ इसका स्वागत किया। इस खुशी को वहां मौजूद 50 हजार लोगों ने जमकर सेलिब्रेट किया। क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं में सबसे प्रमुख समस्या चिरमिरी को तहसील का दर्जा दिए जाने की बात को भास्कर ने कई बार बहुत प्रमुखता से उठाया। तहसील की सुविधा मिलने के साथ ही लोगों को अब तहसील संबंधी कार्यों के लिए 17 किलोमीटर दूर नहीं जाना पड़ेगा।

सीएम ने कहा कि एक तरफ दुर्ग से रायपुर तक राहुल गांधी के रोड शो में मात्र 300 लोग थे वहीं आज इस सभा में 50000 लोगों को देख कर के मेरा मन गदगद हो ताजा हो रहा है। क्षेत्र के स्थायित्व को ले करके उन्होंने मंच से घोषणा कि नए खदानों की प्रक्रिया में आ रही अड़चनों को राज्य शासन 3 दिनों के अंदर सुलझाएगा। जिससे आप शहरवासियों को पलायन नहीं करना पड़ेगा। लाल बहादुर शास्त्री मैदान को स्टेडियम बनाए जाने की घोषणा की। आंधी तूफान बारिश के बावजूद विकास यात्रा का काफिला सही समय चिरमिरी पहंुचा। गोदरीपारा लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में पहंुचकर मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने सभा को संबोधित किया। इससे पहले खड़गवा में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि इतनी बरसात में भी मुझे सुनने के लिए इतनी आपार जन समूह खड़ा है। एक बार लगा की इतनी तेज बारिश में मेरा हेलिकॉप्टर नहीं ऊतर पाएगा। डाॅ सिंह ने कहा कि काग्रेंस नेताआंे के द्वारा छग में विकास को विकास खोजो के लिए बोला जाता है। मैं काग्रेंसी मित्रों से पूछना चाहता हूं कि 15 साल पूर्व खड़गवां आज की स्थिति में ही था। उन्होंने राज्य और केंद्र में सरकार बनाने का विश्वास जताया।

सीएम की सभा से ठीक पहले तेज हवा और बारिश, टैंट व स्वागत द्वार धाराशायी

िवकास यात्रा के दौरान लोगों से मिलते मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह।

लोग कुर्सियों को सिर पर रखकर बारिश से बचने की जुगत में लगे रहे

विकास यात्रा के द्वितीय चरण में खडगवां में आयोजित आमसभा के दौरान हुई बारिश ने कार्यक्रम में खलल दाल दिया। इस दौरान बारिश से बचने के लिए लोग कुर्सियों को सिर पर रखकर बारिश से बचने की जुगत करते रहे। सभा स्थल में पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री को बारिश रुकने की प्रतीक्षा करनी पड़ी। वहीं तेज हवा के कारण खडगवां से लेकर चिरमिरी तक बनाए गए सभी विशालकाय स्वागत द्वार धराशाई हो गए। काफी मशक्कत के बाद इन स्वागत द्वारों को सड़क से हटाया गया। इस दौरान काफी देर तक सड़क पर जाम की स्थिति बनी रही। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह कोरिया दौरे पर थे।

जिन सड़कों से निकली सीएम की विकास यात्रा, वह सरकारी कागजों से है गायब

जिन सड़कों से सीएम अपनी विकास यात्रा लेकर निकले वह सड़कें सरकारी रिकार्ड से गायब हैं। मुख्य मंत्री डॉ. रमन सिंह खड़गवां से दुबछोला होते हुए गोदरीपारा पहुंचे। जिन 17 सड़कों को चिरमिरी के नक्शे से गायब कर गली में तब्दील कर दिया गया है, आज उसी में से एक सड़क को मुख्य मार्ग मानकर सीएम डाॅ. रमन सिंह की विकास यात्रा निकाली गई। यह विडम्बना है कि शहर से 6 राष्ट्रीय राज मार्ग सहित 11 मुख्य सड़कें साल 2005-06 में तो रिकार्ड में रहीं, लेकिन साल 2007-08 में कूट रचना के तहत राजस्व, निगम और एसईसीएल प्रशासन की मिलीभगत से बाजार मूल्य मार्गदर्शक पुस्तिका से गायब कर दिया गया।

सभा स्थल पर सुरक्षा में भारी लापरवाही

आंधी बारिश के पहले कार्यक्रम स्थल तक जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जांच हो रही थी। लेकिन बारिश के बाद मची भगदड़ के दौरान कोई भी सुरक्षाकर्मी मौके पर नहीं दिखा जिसको जहां बना उसने वहीं शरण ली। ऐसे में सवाल यह उठता है कि मुख्यमंत्री की सभा में इतनी बड़ी चूक आखिर कैसे हुई। खडगवां के जनपद मैदान में आयोजित सभा स्थल में लापरवाही बरती गई।

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