रायपुर | शादीशुदा रिश्ते की डोर नाजुक होती है। इसे संभालने के लिए बड़े जतन करने पड़ते हैं। सुखी व सफल वैवाहिक जीवन के लिए आपसी सामंजस्य, एक-दूसरे पर विश्वास आैर सम्मान बेहद जरूरी है। रिश्तों की असली अहमियत तब है जब उनमें रस हो। आनंद हो। अपनापन हो। शहर के प्रतिष्ठित एवं सफल व्यावसायी व समाजसेवी लूनकरन पारख का कहना है कि आपसी समझ व तालमेल से दांपत्य जीवन को सुखी बनाया जा सकता है। 86 साल के लूनकरन पारख ने अपनी शादी की 67वीं वर्षगांठ पर अपने वैवाहिक जीवन से जुड़ी बातें शेयर करते हुए बताया कि हर सुख-दुख में प|ी का साथ मिला। परिवार की देखभाल आैर उनके इस मुकाम के पीछे प|ी का भूमिका अहम रही है। सिविल लाइन स्थित उनके निवास में उनकी शादी की सालगिरह को परिवार के सदस्यों आैर सहयोगियों ने मिलकर धूमधाम से मनाया।
परिवार ने मिलकर मनाई लूनकरन पारख की शादी की 67वीं वर्षगांठ