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300 करोड़ वसूलने निकली बैंकों की वसूली टीम, घरों के सामने ढिंढोरा भी

3 वर्ष पहले
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बैंकों केे 300 करोड़ से ज्यादा लोन में फंस गए हैं। मकान और कारोबार के लिए चार-पांच साल पहले लोन लेने वाले ग्राहक किश्त जमा नहीं कर रहे हैं। बार-बार नोटिस भेजने के बाद जब कोई असर नहीं पड़ा तो बैंकों वसूली के लिए अलग-अलग नुस्खे पर अमल शुरू कर दिया है। किसी बैंक अपनी वसूली टीम बना ली है। लग्जरी गाड़ियों की वसूली टीम सीधे ग्राहकों के घर पहुंचकर उनसे पैसे मांग रही है। नहीं देने की स्थिति में घर के बाहर नोटिस चस्पा करने की चेतावनी दी जा रही है। कुछ बैंक वाले घरों के बार लाउड स्पीकर में मुनादी कर पैसे मांग रहे हैं। कलेक्टर ने तो 100 करोड़ की प्रापर्टी जब्त कर बैंकों के हवाले भी कर दी है।

बैंक प्रबंधन अब उस प्रापर्टी की नीलामी कर अपनी लोन की रकम वसूल करेगा। अभी तक की पड़ताल में पता चला है कि स्टेट बैंक, देना बैंक, यूनाइटेड बैंक, यूनियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक के अलावा एक-दो बैंक और हैं जिनकी मोटी रकम लोन में फंस गई है। हालांकि अभी पांच साल के लोन की समीक्षा की गई है। उसी का आंकड़ा तीन सौ करोड़ से ज्यादा पहुंच गया है। बैंक अधिकारियों के अनुसार एक-दो साल पुराने बैंक लोन को अभी शामिल नहीं किया गया है। पहले प्राथमिकता पुराने लोन की वसूली है। लोन की वसूली के लिए बैंक अपने अपने स्तर पर अलग-अलग फार्मूले अपना रहे हैं। कुछ बैंक ऐसे हैं जिन्होंने लोन वसूली के लिए अपने कर्मचारियों की अतिरिक्त ड्यूटी लगा दी है। बैंक की ये वसूली टीम गाड़ियों में सीधे ग्राहक के घर पहुंचकर दस्तक दे रही है। लोन का ब्योरा बताकर पैसे मांगे जा रहे हैं। लोन के पैसे अदा न करने की दशा में घर के बाहर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी जा रही है। सीधे कहा जा रहा है कि अगर उन्होंने रकम अदा नहीं की तो उनके बाहर नोटिस चस्पा कर आम लोगों को बताया जाएगा कि वे बैंक के डिफाल्टर हैं। एक तरह से वसूली टीम के माध्यम से सीधे धमकाया जा रहा है।

दी जा रही चेतावनी पैसे नहीं दिए तो घर के सामने चस्पा की जाएगी नोटिस

मंडी गेट के सामने से गुजरती गाड़ी। रिपोर्टर फोटो : श्रीनिवास राव

सूचना बोर्ड पर लिखा जा रहा नाम

लोन वसूली के लिए स्टेट बैंक ने अपनी शाखाओं के सूचना बोर्ड पर लोन न चुकाने वालों का नाम लिखना शुरू कर दिया है। ऐसे लोगों के नाम सार्वजनिक कर उन्हें लोन पटाने के लिए कहा जा रहा है। बैंकों को उन लोगों से लोन वसूली करने में आसानी होती है जिन्होंने अपनी कोई संपत्ति बैंक में बंधक रखी है। बैंक वाले उसकी नीलामी कर अपने लोन की रकम वसूल लेते हैं, लेकिन कई सरकारी योजनाओं और दूसरे लोन जिसमें संपत्ति गिरवी नहीं रखी गई है ऐसे लोन की वसूली के लिए ही बैंक वालों ने अपना सिस्टम बदला है।

80 करोड़ की संपत्ति, बैंकों को 20 करोड़ का निपटारा जल्द

बैंकों ने कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। डिफाल्टरों के खिलाफ बैंक केस भी लगातार जीत रहे हैं। सरफेसी एक्ट के तहत अभी तक आठ महीने से भी कम समय में कलेक्टर ने 80 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति बैंकों के हवाले कर दी है। इनके अलावा अभी 20 करोड़ से ज्यादा के मामलों की सुनवाई कलेक्टर की कोर्ट में चल रही है।

इनमें से अधिकतर उन्हीं की संपत्ति सीज की गई है जिन्होंने लोन नहीं दिया है। बैंक वाले इन संपत्तियों की लगातार ऑनलाइन नीलामी भी कर रहे हैं।

रोज निकल रही टीम

यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया ने अपने कर्मचारियों की अलग से वसूली विंग तैयार की है। इन्हें बाकायदा एक गाड़ी भी दी गई है। इस गाड़ी में वसूली टीम का बैनर लगाकर कर्मचारी ऐसे लोगों के घरों में जा रहे हैं जिन्होंने बैंक का लोन नहीं चुकाया है। वे लोगों के घरों में जाकर उन्हें लोन देने के लिए अंतिम समय दे रहे हैं। उन्हें साफ कहा जा रहा है कि अगर उन्होंने अब पैसों की अदायगी नहीं की तो उनके घर के आसपास के साथ ही सभी जगह पर उन लोगों के डिफाल्टर होने की जानकारी देकर उन्हें बेनकाब किया जाएगा।

देना बैंक के अफसर करवा रहे मुनादी

देना बैंक ने लोन डिफाल्टरों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। बैंक के कई अफसर हाथों में लाउडस्पीकर लेकर उन मोहल्लों में जा रहे हैं जहां लोन लेने वाले रहते हैं। उनके घरों के आस-पास खड़े होकर लोन चुकाने की अंतिम चेतावनी दी जा रही है। अभी हालांकि लोन लेने वाले का नाम नहीं लिया जा रहा है, लेकिन बिना नाम उजागर किए कहा जा रहा है कि अगर उन्होंने पैसे नहीं दिए तो उनका नाम सार्वजनिक कर दिया जाएगा।

विमलचंद जैन के घर के बाहर कर चुके प्रदर्शन

राजधानी के बड़े कारोबारी विमलचंद जैन जो जालसाजी के केस में फंस चुके हैं यूको बैंक धमतरी के कर्मचारियों ने उनके घर के बाहर लोन अदायगी के लिए प्रदर्शन किया था। बैंक अफसरों का कहना था कि उन्होंने एक दशक पहले लिए लोन लिया लेकिन अब तक नहीं चुकाया है। इस वजह से कर्मचारियों के माध्यम से उनके बाहर प्रदर्शन करवाया गया। कर्मचारी उनके घर बाहर तख्ती लेकर खड़े थे, जिसमें लिखा था कि लोन का पैसा वापस दो। इस तरह का प्रदर्शन अब दूसरे बैंक वाले भी अब अपने लोन डिफाल्टरों के घर के बाहर कर रहे हैं।

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