ओडिशा के बारूद कारखाने में नौकरी लगाने का झांसा देकर राजधानी के दस वॉलीबाल खिलाड़ियों से जालसाजों ने 5 लाख की ठगी कर ली। एक निजी अस्पताल के सुपरवाइजर ने उन्हें बारूद फैक्ट्री के अधिकारियों से पहचान का झांसा दिया। एक-एक खिलाड़ियों से 60-60 हजार मांगे।
आरोपी को 4 लाख 80 हजार दिया गया। बाकी पैसे काम होने के बाद देने का सौदा हुआ। पैसे लेने के बाद आरोपी एक साल तक घुमाता रहा। कई बार संपर्क करने के बाद पीड़ित खिलाड़ियों ने पुलिस में शिकायत की। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी अरुण पटनायक को ओडिशा सागरपाड़ा से गिरफ्तार किया। तेलीबांधा टीआई राजेश बागड़े ने बताया कि ओडिशा का अरुण पटनायक(37)बलांगीर के निजी अस्पताल में सुपरवाइजर है। उसका परिचय रायगढ़ के वॉलीबाल खिलाड़ी पंचूराम से था। पंचूराम जिंदल फैक्ट्री में कार्यरत है। 2016 में पटनायक ने पंचूराम से कहा कि बडमार बारूद फैक्ट्री में वॉलीबाल खिलाड़ियों की भर्ती चल रही है। उसकी वहां के अधिकारी और ओडिशा के मंत्रियों से अच्छी पहचान है। पंचू ने ये बात श्याम के दोस्त छेदीलाल को बतायी। छेदीलाल वॉलीबाल से जुड़े हैं। छेदीलाल ने पटनायक से बात की।
अरुण ने कहा कि फैक्ट्री में उन्हें काम के साथ मैच भी खेलना होगा। प्रत्येक खिलाड़ी को 30 हजार वेतन दिया जाएगा। छेदीलाल ने एक उम्मीदवार के लिए 60 हजार में सौदा तय किया। छेदीलाल ने रायपुर के दस खिलाड़ियों से संपर्क किया और नौकरी के बारे में बताया। खिलाड़ी भी वहां जाकर नौकरी करने के लिए तैयार हो गए। छेदीलाल ने कुछ लोगों से पैसे लिए और ओडिशा जाकर अरुण को दे दिए। अरुण ने छह महीने के भीतर नियुक्ति पत्र देने की बात कहीं। छह महीने बाद छेदीलाल ने फिर संपर्क किया। आरोपी ने उन्हें टाल दिया। उसके बाद फिर आरोपी ने मोबाइल बंद कर दिया। छेदीलाल कुछ खिलाड़ियों को लेकर ओडिशा गया। आरोपी ने उनसे मुलाकात नहीं की। उसके इस बर्ताव से छेदीलाल को यकीन हो गया कि आरोपी ने उनसे ठगी की है। उन्होंने पुलिस में शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब आईजी से शिकायत की गई। उनके निर्देश पर जांच की गई, तब फर्जीवाड़ा सामने आया।