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सेल्समैनों के भरोसे दुकानें छोड़ीं और नहीं की निगरानी, मौका देख ज्यादा दाम में बेची शराब, 61 हटाए

3 वर्ष पहले
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जिले में 46 पुराने और 15 नए सेल्समेनों को किया गया बर्खास्त

भास्कर न्यूज | रायपुर

एक साल के बाद भी राजधानी की शराब दुकानों में गड़बड़ी और फर्जीवाड़ा नहीं रुक रहे हैं। सभी दुकानों में कंप्यूटर लगने के बावजूद बिना बिल के शराब अधिक कीमत में बेची जा रही है। जिन अफसरों को दुकान की निगरानी करनी थी, उन्होंने सेल्समैन के भरोसे ही इसे छोड़ दिया। इसका ही फायदा उठाते हुए सेल्समैन ने ज्यादा दाम में शराब बेचने लगे। खरीददारों की शिकायतों के बाद अफसरों ने इसकी जांच की तो उनकी गड़बड़ी पकड़ी गई। पिछले तीन दिन के अंदर 15 नए सेल्समैनों को इस कारण नौकरी से बर्खास्त किया गया है। इससे पहले भी 46 पुराने सेल्समैनों को बाहर का रास्ता दिखाया गया। अब तक कुल 61 सेल्समैन नौकरी से निकाले चुके हैं।

जिले की शराब दुकानों में बिक्री के लिए नई प्लसमेंट एजेंसी हायर की गई है। इस एजेंसी ने 300 से ज्यादा कर्मचारी दुकानों में बिक्री और दूसरे कामों के लिए हैं। इनमें से अब तक 65 को हटा दिए हैं। अफसरों का कहना है कि जिन दुकानों से भी शिकायतें मिल रही है, वहां के सेल्समैन को हटाया जा रहा है। फिलहाल इस मामले में अभी तक किसी पर एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। चौंकाने वाली बात है कि शराब दुकानों से शराब की खरीदी-बिक्री की निगरानी के लिए अफसरों के उड़नदस्ते भी बनाए गए हैं। लेकिन एक भी उड़नदस्ते को इस बात की जानकारी नहीं मिली की शराब ज्यादा कीमत में बेची जा रही है। ग्राहकों क इंटस्ट्रैट हंगामे और शिकायत के बाद इसका खुलासा हुआ। कई सेल्समैनों ने उड़नदस्तों के अफसरों पर आरोप लगाया है कि उनके कहने पर ही वे ज्यादा कीमत पर शराब बेच रहे थे। अफसर दबाव बनाकर बिल एडजेस्ट करवाने के साथ ही ज्यादा कीमत में बेची गई शराब का कमीश्न वसूलते थे। फिलहाल ऐसे अफसरों की अब तक जांच शुरू नहीं की गई है। इस मामले में कलेक्टर ओपी चौधरी ने आबकारी उपायुक्त पीएल साहू को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन उन्होंने इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाई। इस वजह से भी दुकानों में ज्यादा कीमत पर शराब बिकने के मामले सामने आते रहे हैं।

शराब दुकानों में लगातार गड़बड़ी और फर्जीवाड़े की शिकायतें

पिछले साल 272 को

किया था बाहर

आबकारी विभाग ने पिछले वित्तीय साल में जिले के 272 सेल्समैनों को काम से अलग कर दिया था। इन सभी सेल्समैनों की नियुक्ति इंदौर की प्लेसमेंट एजेंसी ने की थी। नए वित्तीय साल में यानी इस बार प्लेसमेंट एजेंसी भी चेंज कर दी गई है। नई एजेंसी ने 46 उन सेल्समैनों की नियुक्ति कर दी थी, जिन्हें पिछले साल बाहर किया गया था। आबकारी विभाग के पास कर्मचारियों की सूची पहुंचने से यह बात सामने आई। इसलिए आनन-फानन में इस महीने उन सभी 46 कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया, जिन्हें पिछली बार बाहर किया गया था।

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