रायपुर | छत्तीसगढ़ चैंबर और कैट के बीच विवाद गहराता जा रहा है। कैट ने राजधानी में चैंबर के सभी बड़े व्यापारिक संगठनों को अपनी संस्था का सदस्य बनाने का काम शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में कैट पदाधिकारियों ने सोमवार को गोलबाजार, गुरुनानक चौक, गंज डबरी और स्टेशन रोड के व्यापारिक संगठनों के प्रमुख पदाधिकारियों को कैट की सदस्यता दिलाई। इससे चैंबर के वरिष्ठ पदाधिकारी नाराज हो गए हैं।
विवाद उस समय और बढ़ गया जब कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और छत्तीसगढ़ अध्यक्ष अमर पारवानी चैंबर अध्यक्ष जितेंद्र बरलोटा को कैट का सदस्य बनाने उनकी पेटी लाइन स्थित दुकान पहुंच गए। बरलोटा ने कैट की सदस्यता स्वीकार नहीं की। लेकिन उनके व्यापारिक संगठन के कई पदाधिकारियों और कारोबारी ने कैट की सदस्यता ले ली। कैट के लगातार चल रहे इस अभियान का मुद्दा अब चैंबर की 23 मई को होने वाली प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में भी गूंजेगा।
ई-वे बिल का विरोध शुरू
ई-वे बिल की विसंगतियों को दूर करने के लिए छत्तीसगढ़ कैट के पदाधिकारी एक बार फिर वाणिज्यकर आयुक्त के पास पहुंचे। उन्होंने दोबारा मांग करते हुए कि राज्य अंदर ई-वे बिल केवल कुछ चीजों पर ही लागू होना चाहिए।