एक इंजीनियर ने अपने पार्टनर के फर्जी दस्तखत करके 15 लाख में एक कारोबारी को जमीन बेच दी। आरोपी ने एक साल तक जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई। जांच के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया। आरोपी इंजीनियर को सोमवार को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक महोबाबाजार का प्रणव शर्मा इंजीनियर है। वह निजी कंपनी में काम करता है। उसने अपने साथी धर्मेश शुक्ला के साथ मिलकर पांच साल पहले कोटा में जमीन खरीदी थी। जमीन की रजिस्ट्री दोनों के नाम से थी। 2016 में उसे पैसे की जरूरत थी। उसने कारोबारी मुकेश अग्रवाल से 15 लाख में जमीन का सौदा किया। धर्मेश के फर्जी दस्तखत करके प्रणव ने जमीन को बेच दिया। उसने कारोबारी को गारंटी के तौर पर तीन ब्लैक चेक दिए थे, ताकि किसी कारण जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो पाई तो वह चेक से पैसे निकाल ले। एक साल तक रजिस्ट्री के लिए घुमाते रहे। तब कारोबारी ने उसके पार्टनर धर्मेश से संपर्क किया। धर्मेश जमीन बिक्री की बात सुनकर सकते में आ गए।
क्योंकि उन्हें कुछ मालूम नहीं था। उन्होंने कारोबारी से जमीन के दस्तावेज मांगे। उसमें उनके नाम का दस्तखत था। तब कारोबारी ने चेक बैंक में जमा कर दिया। खाते में पैसे नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गया। फिर पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने प्रणव को गिरफ्तार कर लिया है।