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सुंदर नगर में आधी रात सो रहे छात्र की गला घोंटकर हत्या, जांच उलझी

3 वर्ष पहले
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पुलिस हत्या के कारण का ही पता नहीं लगा सकी

क्राइम रिपोर्टर|रायपुर. सुंदर नगर की ओम सोसायटी में रविवार देर रात छात्र प्रकाश शर्मा (21) की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। प्रकाश सराईपाली के प्रतिष्ठित परिवार का बेटा है। सोसायटी में वह किराए के कमरे में रहता था। पुलिस अब तक हत्या की वजह का पता नहीं लगा सकी है। हत्या के समय प्रकाश के साथ उसके बड़े पिता का बेटा अमृत सो रहा था। घटना का वही एकमात्र प्रत्यक्षदर्शी है। पुलिस को हत्याकांड में करीबियों का हाथ होने की आशंका है। दोस्ती या प्रॉपर्टी विवाद से भी हत्या जोड़कर देखी जा रही है। शेष|पेज 9



मकान के पहले फ्लोर में कमरा

प्रकाश ने पहले फ्लोर पर कमरा किराए पर लिया था। उसके बाजू दो कमरे हैं। एक कमरे में किराएदार है, दूसरा खाली है। प्रकाश की लाश उसी खाली कमरे में मिली। कमरे में ताला लगा था, लेकिन चाबी वहीं छोड़ दी गई थी।



कमरे से मिला नशे का सामान: पुलिस को जांच के दौरान प्रकाश के कमरे से गांजे की पुडिया और इंजेक्शन भी मिला है। पुलिस जांच कर रही है कि नशे का आदी कौन था। अमृत के अलावा वहां रहने वाले दूसरे किराएदार और कुछ अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने बसना से भी कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार प्रकाश बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र था। चार दिन पहले ही उसकी परीक्षा खत्म हुई थी। वह घर नहीं गया था। वह आराम करने के लिए रुका हुआ था। उसके साथ में अमृत था। वह इंजीनियरिंग का छात्र है।

दम घुटने से मौत, शरीर पर नहीं निशान: देर रात पुलिस को शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल गई। प्रकाश से दम घुटने से मौत हो गई। उसके शरीर पर किसी तरह का चोट का निशान नहीं हैं। अमृत ने भी बंधक बनाने और मारपीट की शिकायत की है, लेकिन उसके शरीर पर भी किसी तरह के जख्म नहीं हैं।

घटना का अकेला चश्मदीद बोला- पांच लोग दरवाजा खोलकर घुसे

हम दोनों भाई सो रहे थे। कमरे का दरवाजा खुला था, कुछ लोग अंदर दाखिल हुए। उन्होंने मुझे और प्रकाश को पकड़ा लिया। उन्होंने मेरे मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और मेरे चेहरे पर कपड़ा बांध दिया। उसके बाद उन्होंने मेरे हाथ-पांव बांध दिए। इसलिए मैं किसी का चेहरा नहीं देख सका। सबकुछ बहुत जल्दी हो रहा था, मैं कुछ समझ ही नहीं पा रहा था। हमलावरों ने मेरे भाई प्रकाश के भी हाथ पांव बांध दिए थे और उसके मुंह में भी कपड़ा ठूंस दिया था। इस वजह से हम चीख नहीं सके। प्रकाश को उठाकर वे बाहर ले गए। करीब एक घंटे बाद मैं किसी तरह बंधन खोलकर बाहर आया। मैंने पड़ोसी और मकान मालिक को जगाया और घटना की जानकारी दी। प्रकाश की तलाश में हमने बाजू वाले बंद कमरे को खोला, तो वहां बिस्तर पर प्रकाश की लाश पड़ी थी।’’ -अमृत, प्रकाश के बड़े पिता का बेटा (जैसा पुलिस को दिए बयान में बताया)

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