सरकार से मुआवजा लिया और वही जमीन बेच दी, किसान के खिलाफ रिपोर्ट
रायपुर | माना के टेमरी में प्राइम लोकेशन की जमीन का किसान ने तीन साल पहले सरकार से मुआवजा लिया और बाद में वही जमीन दो कारोबारियों को बेच दी। मामला फूटने के बाद शिकायत की गई, लेकिन जांच आगे नहीं बढ़ी। अब पुलिस ने कोर्ट के आदेश के बाद किसान के खिलाफ केस दर्ज किया।
प्रारंभिक जांच में कुछ अफसरों की मिलीभगत के संकेत भी मिल रहे हैं। पुलिस उनकी भूमिका की जांच कर रही है। सिविल लाइन पुलिस के मुताबिक माना टेकरी के किसान कृष्ण कुमार धृतलहरे का एयरपोर्ट रोड में 30 डिसमिल जमीन थी। करीब तीन साल पहले शासन ने उसकी 20 डिसमिल जमीन सड़क के लिए अधिग्रहित कर ली। इसके बदले उसे मुआवजा भी दिया गया, लेकिन सरकारी दस्तावेजों में जमीन मालिक का नाम नहीं बदला गया। करीब सालभर पहले किसान को ये बात पता चली। उसने जमीन एक कारोबारी को बेच दी। इसके लिए उसने एक फर्जी ऋण पुस्तिका बनवायी। एक आरटीआई कार्यकर्ता ने जमीन की पूरी जानकारी निकाली और फर्जीवाड़ा पकड़ लिया। उसने कोर्ट में अपील की।
कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। इसमें कुछ अफसरों की भूमिका की जांच की जा रही है, जिसने अधिग्रहण के बाद भी जमीन का नाम परिवर्तन नहीं किया।