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बड़े शहरों में सट्टे की कटिंग मुंबई में फंसे सटोरिए, पुलिस ने बरामद किए सिर्फ 1 लाख
देश के बड़े शहरों में छिपकर प्रदेश में सट्टा चलाने वाले बड़े खाईवाल गिरधारी खटवानी और हीरानंद अडवानी मुंबई में पकड़े गए। पुलिस ने उनके दो साथियों को भी गिरफ्तार किए है। पुलिस का दावा है खाईवाल बेहद शातिर हैं। पुलिस को चकमा देने के लिए वे लगातार शहर बदल रहे थे। नागपुर के बाद उन्होंने कानपुर, फिर लखनऊ में ठिकाना बनाया। सप्ताहभर से वे मुंबई के मीरा रोड स्थित अपार्टमेंट में किराये का फ्लैट लेकर गेम ले रहे थे। पुलिस ने तगड़ी घेराबंदी कर उन्हें पकड़ा जरूर लेकिन उनसे एक लाख नगद, एक लैपटॉप और 7 मोबाइल ही जब्त किया जा सका है।
एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर ने बताया एसएसपी अमरेश मिश्रा ने क्रिकेट सट्टे के अड्डे और खाइवालों को पकड़ने के लिए अलग टीम बनाई है। उसी टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि महावीर नगर में टिकरापारा का पूनम तांडी क्रिकेट सट्टे की कटिंग ले रहा है। उसे गिरफ्तार किया गया। उसी से गिरधारी का लिंक मिला। पूनम से मिले मोबाइल नंबर को ट्रेस किया गया। उसका ठिकाना मुंबई में मिला। उसके बाद मुंबई में मौजूद टीम को उसकी सूचना दी गई। वहां जांच के बाद मीरा रोड के पूनम रेसीडेंसी में छापा मारा गया। वहां से गिरधारी खटवानी देवेंद्र नगर, हीरानंद आडवानी भाटापारा और पारस मानिकपुरी रामसागर पारा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपी पिछले एक महीने से राज्य से गायब हैं।
आधा दर्जन अफसरों की टीम ने हफ्ते भर मुंबई में डेरा डालकर पकड़ा
एप के माध्यम से भाव
पुलिस के अनुसार गिरधारी ने नागपुर के एक बड़े सटोरी से लाइन ली थी। उसी की मदद से छत्तीसगढ़ में सट्टा चला रहा था। वह गजानंद एप के जरिए कटिंग लेता था। एप में लगातार भाव और मैच का लाइव स्कोर अपडेट होता है। अफसरों के अनुसार उन्हें पकड़े जाने का भय था। इस वजह से वे अपना मोबाइल नंबर हर पांच दिन में बदल रहे थे। इसी तरह लगातार शहर भी बदलते थे ताकि किसी को उनका सही लोकेशन न मिल सके। वे जहां भी जाते थे, वहां होटल में नहीं ठहरते। किराए का मकान लेकर रहते थे। ताकि पुलिस उन्हें ट्रेस न कर सके।
विवादित अफसर हटे, नई टीम ने की कार्रवाई
सट्टे की कुछ कार्रवाई को लेकर पुलिस पर अक्सर सवाल खड़े होते रहे हैं। छापेमारी में शामिल अफसरों पर भी आरोप लगे हैं। इसी वजह से पुलिस अफसरों ने इस बार सट्टे की कार्रवाई के लिए दूसरे अफसरों को भेजा है। तबादला होकर रायपुर आए नए टीआई और क्राइम ब्रांच के अफसरों को मुंबई भेजा।
मंुबई से गिरफ्तार आरोपी और उनसे बरामद एक लाख नगद व लैपटॉप-मोबाइल।