शहर में वाटर हार्वेस्टिंग के बगैर बनेंगे मकान तो होगी कार्रवाई
रायपुर | अब शहरों में में वाटर हार्वेस्टिंग संरचना के बगैर मकान बनाने की अनुज्ञा नहीं दी जाएगी। जल संरक्षण के लिए वॉटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य किया गया है। यदि बगैर अनुज्ञा के भवन बनाए जाएंगे तो उनके विरूद्ध सख्ती से कार्रवाई होगी। अब नगर निगमों और नगरपालिकाओं की तरह नगर पंचायत क्षेत्रों में भी राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन शुरू की जाएगी। योजना में लोगों को बैंक से लिंक करके स्वरोजगार के लिए ऋण एवं अनुदान दिया जाएगा। अब संपत्तिकर, संपूर्ण राजस्व की 50 फीसदी से कम वसूली वाले नगर पंचायतों के सीएमओ को शो-काज नोटिस दी जा रही है। नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अमर अग्रवाल ने कम राजस्व वसूली पर अफसरों पर नाराजगी जताई है। मंत्री ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए। परीक्षण में जिन-जिन कामों की रिपोर्ट में नमूना फेल हो गया है, उनके इंजीनियर की सीआर में इसे अंकित करने को कहा है।
उन्होंने मंगलवार को न्यू सर्किट हाउस में दो दिनी समीक्षा करते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारियों व नगर पंचायतों के काम-काज की रिपोर्ट ली। मंत्री ने सबके लिए आवास योजना के अंतर्गत आवास निर्माण की धीमी प्रगति पर नाराजगी प्रकट की। अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार केवल 25 प्रतिशत के आस-पास भवन शुरू हो पाए हैं। अग्रवाल ने अगले पन्द्रह दिनों में भवन निर्माण का कार्य शुरू कर संचालनालय को सूचित करने कहा। उन्होंने कहा कि सामुदायिक कार्यों के लिए प्रत्येक नगरीय निकाय में 75 लाख रुपए के मंगल भवन का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव सभी निकायों से मंगाए गए हैं। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना, महिला समृद्धि योजना और व्यावसायिक परिसरों को जल्द से जल्द पात्र हितग्राहियों को आवंटित करने के निर्देश दिए। ताकि लोगों के लिए स्वरोजगार का जरिया बनने के साथ-साथ निकाय की आमदनी भी बढ़े। अग्रवाल ने गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल समस्या और वाटर एटीएम निर्माण की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रत्येक निकाय में शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए वाटर एटीएम का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन बिजली और पानी की सुविधा संबंधित निकाय को पूर्ण करना होगा।