पीएनबी का एक और घोटाला उजागर, कुर्क संपत्ति को बिना नीलामी के बेचा
रायपुर | राजधानी के पंजाब नेशनल बैंक का 20 करोड़ से ज्यादा का लोन घोटाला सामने आया है। एक बिल्डर को अधूरे दस्तावेज में लोन दे दिया। उसके बाद उसकी पूरी प्रॉपर्टी को कुर्क किया। बिना नीलामी के प्रॉपर्टी को एक ही व्यक्ति को बेच दिए। उसी प्रॉपर्टी पर दोबारा लोन जारी किया। सिविल लाइन पुलिस ने घोटाला करने वाले रिटायर्ड बैंक मैनेजर अशोक खरियार को गिरफ्तार कर लिया है। बैंक एजेंट की पहले की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच के दौरान बैंक के सर्वेयर से लेकर कई लोगों के नाम सामने आए है। उनके खिलाफ सबूत जुटाया जा रहा है। सिविल लाइन टीआई हेमप्रकाश नायक ने बताया कि सूर्या अपार्टमेंट के अशोक खरियार(62) पंजाब नेशनल बैंक में मैनेजर थे। 2006 में आरके मॉल के मालिक विकास और आशीष जैन ने अमलीडीह के अपने प्रोजेक्ट खुशी वाटिका के लिए 5 करोड़ का लोन लिया। आरोपियों ने उसमें 20 फ्लैट बनाए। बैंक में एक भी किश्त जमा नहीं की। उन फ्लैट को दूसरों को बेच दिया। बैंक ने प्रॉपर्टी को कुर्क कर ली थी। प्रॉपर्टी को ब्लैक लिस्टेड करते हुए एनपीए घोषित कर दिया। प्रॉपर्टी को नीलाम करके पैसा वसूली करने की तैयारी थी।
इसी दौरान एजेंट गोपी कृष्णानी के साथ मिलकर मैनेजर खरियार ने फर्जीवाड़ा किया। आरोपी ने बिना नीलामी के कृष्णानी को 19 फ्लैट को बेच दिया। आरोपी ने उसी फ्लैट को दोगुने दाम में बेच दिया। यहां तक उसी फ्लैट के लिए लोन भी जारी कराया। इससे बैंक को 20 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है। पुलिस के अनुसार इसमें बैंक के कई लोग शामिल है।
उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। आरोपियों ने घोटाले का पैसा खुद के प्रॉपर्टी बनाने में इन्वेस्ट किया है। उसने करोड़ों रुपए की प्रॉपर्टी बनाई है। पुलिस आरोपियों की प्रॉपर्टी की जांच कर रही है।
जैन बंधु पहले हो चुके हैं गिरफ्तार
पुलिस ने आरके मॉल के मालिक विकास और आशीष जैन को पिछले साल गिरफ्तार किया था। दोनों भाई जेल में बंद है। आरोपियों के खिलाफ आधा दर्जन से ज्यादा केस दर्ज है।