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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की काउंसिलिंग, 2 मामलों का निपटारा

3 वर्ष पहले
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कम्युनिटी रिपोर्टर | रायपुर

एक तरफ जहां तलाक के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, वहीं कुछ संगठन इन्हीं टूटते परिवारों को वापस आबाद करने में जी-जान से लगे हुए हैं। इसी तरह का नेक काम कर रही है विधिक सेवा प्राधिकरण की परिवार कल्याण समिति।

मंगलवार को समिति ने कोर्ट परिसर स्थित समिति के दफ्तर में 2 परिवारों का काउंसिलिंग हुई। एक मामला दहेज प्रताड़ना से जुड़ा था तो दूसरा घरेलू विवाद का। 2 घंटे की काउंसिलिंग में ही समिति ने महीनों पुराने विवाद का निपटारा कर दिया। पहला मामला रायपुर के ही अमित और तृप्ति का था। 2017 में दोनों की शादी हुई थी। 6 महीने बाद दोनों अगल हो गए। तृप्ति ने अपने पति पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। उसने इसकी शिकायत थाने में की थी। परिवार परामर्श केंद्र में दोनों के बीच सुलह कराने की कोशिश की गई पर बात नहीं बनी। मामला परिवार कल्याण समिति के पास पहुंचा। यहां समिति के अध्यक्ष और प्राधिकरण के सचिव उमेश उपाध्याय ने दोनों पक्षों की बातों को गंभीरता से सुना। उन्होंने तीन बार दोनों पक्षों को समझाइश दी। पति को समझाइश दी कि जीवनसाथी का ख्याल रखें। उन्हें वक्त दें और हाल-चाल भी पूछते रहें। इसी तरह प|ी से भी कहा गया कि शादी के बाद ससुराल ही उनका घर बन जाता है। छोटे-मोटे विवाद बातचीत से सुलझाने की कोशिश करें। पति-प|ी में बात न बने तो परिवार के बड़ों को इसकी जानकारी दें। साथ ही यह भी कहा कि अगर बात ज्यादा बढ़ जाए तो वे फिर कानूनी सहायता ले सकती हैं। इस दौरान समिति के सदस्य विद्याशंकर भी विशेष रूप से मौजूद रहे।

पति को समझाईश- जीवनसाथी को समय दें और ख्याल रखें प|ी से कहा- विवाद आपस में सुलझाएं; टूटने से बचे परिवार

2 माह बाद बच्ची को मिला पिता का साथ

दूसरा मामला रायपुर के ही चेतना और र|ेश का था। दोनों की शादी 2014 में हुई थी पर लड़की पैदा होने के बाद दोनों के बीच विवाद होने लगा। इसी साल मार्च में चेतना ने अपने पति और ससुर के खिलाफ थाने में शिकायत की थी। यहां भी परिवार परामर्श केंद्र में बात नहीं बन सकी और मामला समिति के पास पहुंचा। समिति ने इस परिवार की 5 बार काउंसिलिंग की। आखिरकार मंगलवार को अध्यक्ष की समझाइश के बाद दोनों पक्ष दोबारा साथ रहने को राजी हो गए और बच्ची को 2 माह बाद अपने पिता से मिल सकी। चेतना और र|ेश ने समिति से वादा किया कि वे अब घर के विवाद आपस में सुलझाएंगे और पूरी कोशिश करेंगे कि ऐसी नोबत दोबारा न आए।

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