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आवेदन निरस्त हो जानेे पर बैंक और च्वाइस सेंटर के लगाने पड़ते हैं चक्कर

3 वर्ष पहले
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रायपुर डीबी स्टार

डीबी स्टार टीम को शिकायत मिली कि गुमास्ता लाइसेंस बनवाने वालों के आवेदन हर रोज निरस्त हो रहे है। टीम ने इसकी पड़ताल की तो खुलासा हुआ कि नगर निगम दुकानों के लिए गुमास्ता लाइसेंस बनवाने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद से नए दुकान खोलने वालों के लिए लाइसेंस बनाने ऑनलाइन आवेदन लिए जाने लगे। पड़ताल के दौरान यह पता चला कि दुकान खोलने के लिए लोगों ने आवेदन किए। वेबसाइट में गुमास्ता बनवाते वक्त उनके घर का पता जिस वार्ड में होना चाहिए, वहां न होकर दूसरे वार्ड व जोन में बता रहा है। इसी तरह रोज 40 से 50 आने वाले आवेदनों में से 15 आवेदनों को भरते वक्त गड़बड़ी हो रही है। इस वजह से लाइसेंस बनवाने वाले 40 फीसदी आवेदन निरस्त हो जाते है। इसी तरह सभी जोनों में बनने वाले लाइसेंस के साॅफ्टवेयर में गड़बड़ी मिली है।

ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया

दुकानदार को अपनी दुकान का लाइसेंस या गुमास्ता बनवाने के लिए च्वॉइस सेंटर जाना पड़ता है, वहां उनसे डिटेल्स मांगी जाती है। डेटा ऑनलाइन अपलोड होने पर आईडी नंबर मिलता है। उस लिंक पर नगर निगम दुकानदार के दस्तावेजों को चैक करती है। किसी तरह की कमी पाई जाने पर उसी लिंक में ननि द्वारा मार्क कर दिया जाता है। वही मैसेज दुकानदार के पास पहुंचता है। मैसेज मिलते ही दुकानदार को फिर से च्वॉइस सेंटर आकर बकाया डिटेल्स अपलोड करवाना पड़ती है। जानकारी का सत्यापन होने पर दुकानदार संबंधित जोन की बैंक में जाकर उन्हें चालान बनवाना पड़ता है। चालान बनने पर फिर से दुकानदार को च्वॉइस सेंटर जाकर वहां चालान क्रमांक बताना पड़ता है, तब जाकर लाइसेंस तैयार होता है।

जानिए, ऑनलाइन आवेदन करने वालों को क्या-क्या परेशानियां हो रहीं...

लाइसेंस बनवाने के लिए चालान अलग-अलग जोन में जाकर बनवाना पड़ रहा है, जिससे दुकानदारों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।

किसी भी जोन का वार्ड अगर दूसरे जोन में शो कर रहा है तो इसकी जानकारी आवेदकों को 15 दिन बाद मिलती है, तब तक उनका आवेदन निरस्त हो जाता है।

आवेदन निरस्त होने पर उन्हें फिर से बैंकों और च्वॉइस सेंटरों के चक्कर काटना पड़ रहे हैं, जिससे दुकानदारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ऑनलाइन की प्रक्रिया जब से प्रारंभ हुई है तब से सिस्टम सही ढंग से काम नहीं कर रहे हैं, आवेदकों को आए दिन निगम और च्वॉइस सेंटरों के चक्कर काटना पड़ रहे हैं।

प्रत्येक जोन के दुकानदारों को अलग-अलग बैंक से चालान बनवाने के लिए कहा गया है, जिससे उन्हें आने-जाने में परेशानी और समय भी खराब हो रहा है।

समय ज्यादा लग रहा है, सिस्टम में कभी भी गड़बड़ी आ जाती है, जिससे काम पेंडिंग हो जाता है।

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