महीनेभर में होने लगेगी रजिस्ट्री डायवर्सन, लेआउट होगा पास
छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड और रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के बरसों पुराने मकानों की बिक्री में दिक्कत न आए, इसलिए सभी इंजीनियरों को पुरानी हाउसिंग योजनाओं के दस्तावेज एक माह के भीतर अपडेट करने के लिए कह दिया गया है। इस दौरान इन प्रोजेक्ट की जमीन का डायवर्सन और लेआउट पास करवा लिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
1974 के बाद बनी सरकारी कॉलोनियों के दस्तावेज अपडेट नहीं होने की वजह से रजिस्ट्री विभाग ने इन मकानों की खरीदी-बिक्री पर रोक लगा दी है। मकानों को रीसेल करने वाले लोगों की रजिस्ट्री ही नहीं हो रही है। लोगों की परेशानी की खबर दैनिक भास्कर में प्रमुखता के साथ प्रकाशित होने के बाद आरडीए अध्यक्ष और हाउसिंग बोर्ड के सीईओ ने अफसरों को एक महीने के भीतर सभी प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। हाउसिंग बोर्ड के मंडलों में डायवर्सन और ले-आउट के लिए आवेदन भी लग गए हैं। जिला पंजीयक ने दोनों सरकारी एजेंसियों को चिट्ठी लिखकर कहा कि वे प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी रजिस्ट्री विभाग को दें, ताकि जिन लोगों की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है उन्हें बताया जा सके कि वो कब रजिस्ट्री करवा सकते हैं।
नई कॉलोनियों में किसी भी तरह की रोक नहीं
हाउसिंग बोर्ड और आरडीए की नई कॉलोनियां जैसे सड्डू, शंकरनगर, कचना, सेजबहार, नया रायपुर, दौंदे, बोरियाकला, रायपुरा और नई जगहों पर बन रही कॉलोनियां या जिनका काम पूरा हो चुका है वहां की रजिस्ट्री में कोई परेशानी नहीं है। अभी जितनी नई जगहों पर कॉलोनियां बन रही हैं या बन चुकी है वहां की जमीन का डायवर्सन हो चुका है और सभी प्रोजेक्ट टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से एप्रूवड हैं। इसलिए यहां के लोगों को मकान रीसेल करने या पहली बार रजिस्ट्री कराने में कोई परेशानी नहीं हो रही है। जिला पंजीयक बीएस नायक ने साफ कर दिया है कि नई कॉलोनियों के मकानों को रीसेल करने पर रजिस्ट्री पर कोई रोक नहीं है। लोग यहां के मकानों की खरीदी-बिक्री कर सकते हैं।