पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • फसल बीमा : सीएस की चेतावनी भी काम नहीं आई

फसल बीमा : सीएस की चेतावनी भी काम नहीं आई

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रायपुर| प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का पैसा अब तक किसानों के खातों में नहीं पहुंचा है। खरीफ वर्ष 2017 के फसल बीमा दावे के भुगतान की कार्रवाई चल रही है। जबकि मुख्य सचिव अजय सिंह ने इसके दस मई तक की अवधि तय कर दी थी। इसके पहले मार्च तक का समय दिया था तब तक भी बीमा दावा भुगतान किसानों को नहीं दिया गया था। इधर, कृषि संचालनालय के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि बुधवार तक तक बीमा कम्पनियों द्वारा लगभग 412 करोड़ 35 लाख रूपए की फसल बीमा दावा राशि संबंधित बैंक शाखाओं को जारी कर दी गई है। बीमा कम्पनियों द्वारा बीमा दावा भुगतान राशि की गणना अभी की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ वर्ष 2016 से लागू की गई है। प्रदेश के 21 जिलों में ईफको-टोकियो जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड द्वारा तथा छह जिलों में रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है।



खरीफ मौसम 2017 में राज्य के कुल 12 लाख 94 हजार 169 किसानों द्वारा फसल बीमा कराया गया। कल 16 मई तक ईफको-टोकिया जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड द्वारा 210 करोड़ 18 लाख रुपए तथा रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड द्वारा 202 करोड़ 17 लाख रुपए विभिन्न बैंक शाखाओं में जमा करा दिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि बैंक शाखाओं द्वारा किसानों के खातों में बीमा राशि ट्रांसफर की जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि किसानों को दावा भुगतान उनके द्वारा बीमित रकबे के अनुपात में थ्रेस होल्ड उपज एवं फसल कटाई प्रयोग के आधार पर वास्तविक उपज आंकड़ों की कमी के आधार पर गणना की जाती है। योजना के अंतर्गत न्यूनतम दावा राशि निर्धारित नहीं की गई है, अपितु उपज में क्षति के अनुरूप दावा भुगतान किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि खरीफ वर्ष 2017 में बलौदाबाजार जिले में 17 हजार 581 किसानों को 21 करोड़ 63 लाख रुपए, बस्तर जिले में 196 किसानों को सात लाख रुपए, बीजापुर जिले में एक हजार 342 किसानों को एक करोड़ 49 लाख रुपए, बिलासपुर जिले में 11 हजार 30 किसानों को दस करोड़ 7 लाख रुपए, दंतेवाड़ा जिले में एक हजार 487 किसानों को एक करोड़ 66 लाख रुपए, धमतरी जिले में आठ हजार 734 किसानों को सात करोड़ 40 लाख रुपए, दुर्ग जिले में 13 हजार 379 किसानों को 15 करोड़ 46 लाख रुपए, गरियाबंद जिले में छह हजार 267 किसानों को चार करोड़ 62 लाख रुपए, जांजगीर-चांपा जिले में चार हजार 21 किसानों को तीन करोड़ 15 लाख रुपए, कबीरधाम जिले में 15 हजार 159 किसानों को 21 करोड़ 95 लाख रुपए तथा कोंडागांव जिले में एक हजार 739 किसानों को दो करोड़ 23 लाख रुपए के बीमा दावे का भुगतान किया गया है।

कृषि संचालनालय के अधिकारियों ने बताया कि कोरिया जिले में एक हजार 44 किसानों को 70 लाख रुपए, महासमुंद जिले में 14 हजार 615 किसानों को 19 करोड़ 05 लाख रुपए, रायगढ़ जिले में तीन हजार 336 किसानों को तीन करोड़ 76 लाख रुपए, रायपुर जिले में दस हजार 156 किसानों को 09 करोड़ 93 लाख रुपए, राजनांदगांव जिले में 50 हजार 319 किसानों को 75 करोड़ 84 लाख रुपए, सरगुजा जिले में 45 किसानों को एक लाख रुपए, कांकेर जिले में दस हजार 120 किसानों को 11 करोड़ 18 लाख रुपए, बालोद जिले में 17 हजार 103 किसानों को 22 करोड़ 55 लाख रुपए, बेमेतरा जिले में 68 हजार 173 किसानों को 155 करोड़ 90 लाख रुपए, कोरबा जिले में एक हजार 492 किसानों को तीन करोड़ 47 लाख रुपए, मुंगेली जिले में चार हजार 406 किसानों को 18 करोड़ 80 लाख रुपए, सुकमा जिले मे ं472 किसानों को 98 लाख रुपए तथा सूरजपुर जिले में 189 किसानों को 47 लाख रुपए का भुगतान किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि ईफको-टोकियो जनरल इंश्योरेंस कम्पनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आठ हजार 133 किसानों को 500 रुपए तक, आठ हजार 623 किसानों को एक हजार रुपए तक, 47 हजार 925 किसानों को पांच हजार रुपए तक, 34 हजार 260 किसानों को दस हजार रुपए तक, 38 हजार 738 किसानों को 25 हजार रुपए तक, 15 हजार 357 किसानों को 50 हजार रुपए तक, पांच हजार 711 किसानों को एक लाख रुपए तक तथा एक हजार 509 किसानों को एक लाख रुपए से अधिक की राशि फसल दावा भुगतान के रूप में की गई है। अन्य जिलों में फसल बीमा दावा भुगतान की कार्रवाई चल रही है।

खबरें और भी हैं...