कम्युनिटी रिपोर्टर | रायपुर
भूलना किसी तरह की दिमागी कमजोरी नहीं है। कुछ बच्चों के साथ इसी वजह से बुरा बर्ताव किया जाता है। आप देखेंगे कि बचपने में जो चीजों को अच्छी तरह याद रखते थे, वे भी बड़े होने के बाद जरूरी चीजें भूलने लगते हैं। इसका सीधा संबंध रोजमर्रा की जिंदगी से है। लोग सारा दिन काम करते हैं। मोबाइल-लैपटॉप यूज करते हैं। फिल्में देखते हैं। सो जाते हैं। दिमागी कसरत पर किसी का ध्यान नहीं जाता। ये भी कह सकते हैं कि ज्यादातर लोग इस बारे में जानते तक नहीं।
चौबे कॉलोनी स्थित ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय मेमोरी गुरु सुयश सूर्यकांत ठाकुर ने यह बातें कही। उन्होंने आगे कहा कि इसका समाधान यह है कि आप रोज आत्ममंथन करें। सोने से पहले रोज दिनभर क्या हुआ, इस बारे में सोचें। एक हफ्ते के अंदर आपको नतीजे दिखने लगेंगे। चीजों को याद रखने की क्षमता पहले से ज्यादा होने लगेगी। याददाश्त क्षमता बढ़ाने में कल्पना शक्ति भी बहुत महत्वपूर्ण है। इसके लिए रीकॉलिंग पावर का उपयोग करें। मेमोरी अच्छी या बुरी नहीं होती। यह प्रशिक्षित या अप्रशिक्षित होती है। अच्छी याददाश्त के लिए मेमोरी को प्रशिक्षित करना ही होगा। इसे ऐसे समझें कि कई बार जो हम पढ़ कर जाते हैं, वही सवाल परीक्षा में आता है। हम जैसे ही उत्तर लिखना शुरू करते हैं, हम पाते हैं कि याद किए हुए जवाब हम भूल चुके हैं। घर में आकर जब दोबारा प्रश्न पत्र पढ़ते हैं तो लगता है कि हमें तो सब मालूम था। काश हम इसका उत्तर लिख पाते। बड़ा अफसोस होता है। ऐसी परेशानियों का सामना आपको दोबारा न करना पड़े इसलिए आत्ममंथन पर ध्यान दें।
चौबे कॉलोनी में मेमोरी पावर बढ़ाने के बारे में बच्चों को दिए गए टिप्स
ब्रह्मकुमारी विश्वविद्यालय में मेडिटेशन के बाद बच्चों को फिजिकल एक्टिविटी भी करवाई गई।
दिमाग के लिए भी ऑन-ऑफ बटन
उन्होंने कहा कि दिमाग को चालू-बंद किया जा सकता है। इसके लिए ब्रेन में ऑन-ऑफ का बटन भी है। हमारे दो ब्रेन होते हैं। लेफ्ट और राइट। लेफ्ट ब्रेन लॉजिकल काम करता है। वह समग्रता में देखता है। हम इन दोनों ब्रेन का पूरा उपयोग नहीं कर पाते हैं। क्षमता है लेकिन उसका उपयोग करना नहीं आता है। अब आपको यह समझना चाहिए कि आपकी मेमोरी बहुत अच्छी है। इसे प्रशिक्षित करने का संकल्प लें। ब्रह्मकुमारी विवि में सीखाए जा रहे राजयोग को रोज अभ्यास करना भी आपकी मेमोरी के लिए फायदेमंद है। मेमोरी बढ़ाने के लिए लॉ ऑफ एसोसिएशन यानी जोड़ने की कला भी सीखें। जो चीज हमसे जुड़ी रहती है, वह हमें याद भी रहती है। इसलिए जो चीज याद है उसके साथ जो याद नहीं है, उसे लिंक करना सीखें।
शिक्षा के बाद अब स्वास्थ्य पर राजयोग कैंप
बच्चों को शिक्षा संबंधी सुझाव देने के बाद ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने विधानसभा रोड स्थित शांति सरोवर में राजयोग हेल्थ कैंप लगाएगी। यह शिविर 20 मई से शुरू होगा। निशुल्क शिविर में भाग लेने के लिए पंजीयन करवाना अनिवार्य होगा। रोज आधे घंटे पहले शांति सरोवर पहुंचना भी अनिवार्य होगा। राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने बताया कि शिविर में मुंबई के हेल्थ काउंसलर डॉ. दिलीप नलगे लोगों को अपनी सेवाएं देने के लिए मौजूद रहेंगे।