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20 हजार व्यापारियों पर 27 करोड़ टैक्स बकाया, इससे बचने 70% से ज्यादा ऑनलाइन नए लाइसेंस बनवा रहे

3 वर्ष पहले
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रायपुर डीबी स्टार

डीबी स्टार को जानकारी मिली कि ज्यादातर व्यापारियों ने दशकों से टैक्स जमा नहीं किया है। इसी की पड़ताल के दौरान खुलासा हुआ कि निगम क्षेत्र में 35 हजार दुकानदार, ठेकेदार व अन्य व्यापारी है। इनमें से 15 हजार लाइसेंसधारी व्यापारी है, जो सालाना टैक्स का भुगतान करते है। वहीं 20 हजार दुकानदार न ही पिछले 10 साल से लाइसेंस का नवीनीकरण कर रहे है। न ही टैक्स की राशि जमा कर रहे है। लिहाजा अब नगर निगम ज्यादातर दुकानों का लाइसेंस ऑनलाइन बनाने की प्रक्रिया शुरु कर दी है। इस वजह से ज्यादातर दुकानदार भी पुराने लाइसेंस की जगह नए लाइसेंस ऑनलाइन प्रक्रिया से आवेदन किए है। यानि पुराने लाइसेंसधारी नए तरीका अपनाते हुए टैक्स की राशि जमा करने से पहले नया तरीका ढूंढ लिए है। इससे नगर निगम को करोड़ों रुपए का नुकसान होगा और व्यापारियों को फायदा होगा। शेष पेज 2 पर



investigation

बकाएदारों का नहीं बनाएंगे नया लाइसेंस

 जितने भी बकाएदार हैं, उनका दुकान या गुमास्ता का लाइसेंस तैयार नहीं किया जाएगा। इसके लिए उनसे 2017-18 का बिल मांगा जा रहा है। इसके अलावा इससे पुराने ऐसे बकाएदार जिन्होंने राशि का भुगतान नहीं किया है, उनसे राशि वसूली जाएगी। रजत बंसल, कमिश्नर, नगर निगम, रायपुर

ऐसे समझें, किस तरह हो रही टैक्स वसूली में लापरवाही

8 जोन का टैक्स गणित

पूरे शहर में अलग-अलग जोन निगम ने बनाए है। 8 जोन में साढ़े 4 करोड़ रुपए के आसपास हर साल टैक्स बनता है। इसमें 35 हजार दुकानदारों को शामिल किया गया है। इसके लाइसेंस नवीनीकरण के लिए चार्ज लिया जाता है।

ऐसे की जा रही है गड़बड़ी

जोन के राजस्व विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी यही होती है कि हर साल निर्धारित टैक्स दुकानदारों से वसूले, लेकिन 10 हजार दुकानदारों से ही वसूल पाते है। इस वजह से 3-3 करोड़ रुपए हर साल बकाया हो जाता है। इसी तरह 27 करोड़ का घाटा अब तक निगम को हुआ है।

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