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रविवि: 5 साल में 18 लाख स्पोर्ट्स फीस वसूली खेलकूद कराने के बजाय निर्माण पर कर दी खर्च

3 वर्ष पहले
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डीबी स्टार टीम को छात्रों से जानकारी मिली कि फिजिकल फिटनेस के नाम पर वसूले जा रहे पैसों को स्पोर्ट पर खर्च नहीं किया जा रहा है। टीम की पड़ताल में खुलासा हुआ कि यूनिवर्सिटी से संबंद्धता रखने वाले 118 कॉलेज है। इसके अलावा यूटीडी के अंतर्गत केवल 29 डिपार्टमेंट है। दोनों के गेम्स अलग-अलग होते है। इसके बाद भी यूनिवर्सिटी यूटीडी के स्टूडेंट्स से भी फिजिकल वेलफेयर के नाम पर राशि वसूल रहा है। प्रत्येक स्टूडेंट्स से 150 रुपए वसूल किया जा रहा है, जबकि यूटीडी के स्टूडेंट्स उन गेम्स में हिस्सा नहीं लेती है। यूनिवर्सिटी वसूले गए पैसों को विकास कार्याें में खर्च कर देती है।

ऐसे समझें, छात्रों से 5 साल में वसूली गई राशि का गणित
118 कॉलेज के स्टूडेंट्स से वसूली

रविशंकर यूनिवर्सिटी से 118 कॉलेज की संबंद्धता है। इसी तरह वहां पढ़ने वाले स्टूडेंट्स से सालाना फिजिकल फिटनेस के नाम पर पैसा वसूल किया जा रहा है। पिछले पांच सालों में लाखों रुपए की वसूली हुई।
विकास कार्याें में खर्च कर डाले

यूनिवर्सिटी ने न केवल स्टूडेंट्स से नियम विरुद्ध शुल्क वसूली, बल्कि जिस राशि का उपयोग केवल स्पोर्ट्स संबंधी किया जाना था। उसे डेवलपमेंट के नाम पर खर्च कर दिया, जबकि इसके लिए शासन से राशि आती है, किस कार्य में फिजिकल वेलफेयर की फीस लगाई है, इसके बारे में अब तक पता नहीं है।

विवि में 37 गेम्स, पर एक भी नहीं होता

यूनिवर्सिटी अपने ही सिलेक्टेड खिलाड़ियों को गेम्स में उतारती है, यूनिवर्सिटी का दावा है कि सालाना 37 गेम्स करवाए जाते हैं। इनमें कबड्‌डी, खो खो, बॉलीवाल, बॉक्सिंग, क्रिकेट, फुटबाल, बास्केटबाल सहित अन्य स्पोर्ट्स को शामिल किया गया है।
50 रुपए के हिसाब से प्रत्येक वसूली गई राशि

स्टूडेंट्स से ली गई वेलफेयर फिटनेस के नाम पर 150 रुपए में से 100 रुपए संबंधित कॉलेज के पास जाता है। इसका यूनिवर्सिटी कहां उपयोग करती है। इसके बारे में पता ही नहीं है, जबकि खिलाड़ियों पर मात्र 50 रुपए के हिसाब से मात्र 1 लाख 25 हजार रुपए ही खर्च किए जाते हैं।
18 लाख रुपए से ज्यादा वसूले

फिजिकल फिटनेस के नाम पर सालाना प्रत्येक स्टूडेंट्स से 150 रुपए वसूल किया जाता है। यूनिवर्सिटी के करीब 2500 स्टूडेंट्स से 3 लाख 75 हजार रुपए वसूली की गई।पांच साल में 18 लाख 75 हजार रुपए वसूल कर चुके हैं।
कॉलेज डेवलपमेंट पर करते हैं खर्च
डॉ एससेन्या गुप्ता, पीआरओ, पं. रविशंकर विश्वविद्यालय

स्टूडेंट्स के फिजिकल फिटनेस की राशि का उपयोग खेलकूद पर करते हैं, इसके अलावा अतिरिक्त राशि को डेवलपमेंट में लगा देते हैं।

खिलाड़ियों पर खर्च करते हैं क्रीड़ा शुल्क में मिली राशि
विपिन शर्मा, स्पोर्ट प्रभारी, पं. रविशंकर विश्वविद्यालय

बलाैदा बाजार, दुर्ग, राजनांदगांव सहित नौ सेक्टर से खिलाड़ियों से टीम पार्टिसिपेट करती है। खिलाड़ियों के टीए, डीए, किट आदि पर राशि खर्च की जाती है। हर साल चिह्नित कॉलेज को भी करीब1 लाख 20 हजार रुपए का अलग से बजट शासन स्तर पर दिया जाता है।

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