4 हजार ने दिए स्टार्टअप आइडिया, सिर्फ 100 हैं इनोवेटिव
रायपुर | इनोवेटिव स्टार्टअप को राज्य और केंद्र सरकार प्रोत्साहन दे रही है। लेकिन स्टार्टअप के तहत आ रहे ज्यादातर प्रोजेक्ट इनोवेटिव नहीं हैं। इनमें से ज्यादातर पहले से चले आ रहे परंपरागत उद्यमों पर ही आधारित हैं। यही वजह है कि अब तक केंद्र सरकार के पास आए चार हजार प्रोजेक्ट में से सिर्फ 100 ही इनोवेटिव पाए गए हैं। यह जानकारी हाल ही में राष्ट्रीय अनुसंधान विकास निगम (एनआरडीसी) ने वाणिज्य मंत्रालय को दी है। स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने का जिम्मा वाणिज्य मंत्रालय का है। जो भी स्टार्टअप प्रोजेक्ट वाणिज्य मंत्रालय के पास आते हैं, उनमें इनोवेशन की भी जांच की जाती है। यह देखा जाता है कि उसमें कुछ नया है या नहीं? एनआरडीसी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन कार्य करने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की वैज्ञानिक संस्था है। रिपोर्ट के मुताबिक अब तक एनआरडीसी ने अपने पास आए चार हजार स्टार्टअप आवेदनों की जांच की है। इनमें से करीब सौ आवेदन ही ऐसे पाए गए हैं, जिनमें इनोवेशन है। बाकी सब परंपरागत है।
एनआरडीसी जिन्हें इनोवेटिव स्टार्टअप घोषित करता है, उन्हें तीन साल टैक्स से पूरी तरह से छूट मिलती है। वहीं, जो इनोवेटिव स्टार्टअप नहीं हैं, उन्हें इस टैक्स छूट का फायदा नहीं मिलता है। स्टार्टअप के तहत इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय पेटेंट शुल्क में 80 फीसदी और ट्रेडमार्क फाइल करने में 50 फीसदी की छूट देता है।
राष्ट्रीय अनुसंधान विकास निगम ने स्टार्टअप पर जारी की रिपोर्ट