राजधानी की संकरी गलियों में अभी तक नहीं पहुंचीं कचरे की गाड़ियां
रायपुर | शहर में घरों से कचरा लेने का काम 30 वार्डों में शुरू हो चुका है लेकिन ठेका कंपनी के कर्मचारी चौड़ी सड़कें और उन गलियों तक ही पहुंच रहे हैं जहां उनकी गाड़ियां जा सकती हैं। शहर की कई संकरी गलियों और घनी बसाहटों तक गाड़ियां नहीं पहुंचने के कारण कचरा नहीं लिया जा रहा है। कंपनी ने इन गलियों और संकरी सड़कों में छोटी ट्राली से कचरा लेेने का आश्वासन दिया था, लेकिन कई जगहों पर ट्राली भी नहीं पहुंच रही है। दिल्ली की रामकी कंपनी ने शहर के 70 में से 30 वार्डों में काम शुरू कर दिया है। कंपनी को सड़क-नाली की सफाई से अलग रखा गया है। यानी कंपनी का काम घरों से कचरा लेना और उसे बड़ी गाड़ियों के जरिए सरोना ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचाना है। कंपनी को यहां कचरे को आधुनिक तरीके से डिस्पोज करना है। कंपनी फिलहाल यहां कचरा डंप कर रही है, क्योंकि डिस्पोज करने के लिए प्लांट नहीं लगाया गया है। एग्रीमेंट में कंपनी को प्लांट लगाने के लिए पंद्रह महीने का समय दिया गया है। कंपनी के साथ निगम ने अप्रैल में अनुबंध किया है।
यानी जून 2019 तक प्लांट लगाना होगा।
डोर बेल बजाना, सीटी बजाना है
कंपनी के कर्मचारियों को कचरा गाड़ी ले जाने के साथ डोर बेल या सीटी बजाकर लोगों को गाड़ी आने की सूचना देना है। जिन इलाकों में गाड़ियां नहीं पहुंच रही है वहां कर्मचारियों को खुद जाकर लोगों को बताना है कि गाड़ियां आ गई है और वे घरों से कचरा निकाले। पुरानी बसाहट या संकरी गली वाली बसाहटों में यह बड़ी समस्या है। रामसागर पारा, मांगड़ापारा, टिकरापारा, सदर बाजार, गोलबाजार, पुरानी बस्ती, बूढ़ापारा, ब्राम्हणपारा के कुछ इलाकों तक कंपनी का गाड़ियां नहीं पहुंच रही हैं।