पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • 800 साल पहले दादा गुरुदेव ने बचाया देश के मंदिरों को

800 साल पहले दादा गुरुदेव ने बचाया देश के मंदिरों को

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रायपुर| जैन दादाबाड़ी में मंगलवार को इकतीसा जाप किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। विभिन्न अनुष्ठानों के बाद यहां मौजूद लोगों कोे दादाबाड़ी ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने जैन धर्म के इतिहास और पहले दादा गुरुदेव के बारे में बताया। ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष बैद ने कहा कि विक्रम संवत् 1200 में बाहरी आक्रांताओं द्वारा देश के मंदिरों को तोड़ा जा रहा था। लोगों का धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा था। तब पहले दादा गुरुदेव जिनदत्त सूरी ने अपने सिद्धी और साधना बल से मुगल सम्राट को प्रभावित कर मंदिरों का विध्वंस रुकवाया। पहले दादा गुरूदेव जिनदत्त सूरी का जन्म संवत् 1132 में गुजरात राज्य के अहमदाबाद जिले के घोलका में हुआ।



वहां आज विशाल दादाबाड़ी है। हम सभी हर साल इकतीसा जाप कर उनके उपकारों को स्मरण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं। ट्रस्ट के महासचिव महेंद्र कोचर ने बताया कि 2 अगस्त से शुरू हुए इकतीसा जाप में हर रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस दौरान अशोक, अरूण, श्वेता कोचर, मूलचंद, संतोष, सरला बैद, ममता, अंजलि सांखला आदि मौजूद रहे।

दादाबाड़ी में इकतीसा जाप बताया जैन धर्म का इतिहास

खबरें और भी हैं...