आयकर बार एसोसिएशन रायपुर एवं रायपुर सीए ब्रांच ने रेरा और उससे संबंधित नियमों पर सेमिनार रखा। ब्रांच के चेयरमैन सीए सुरेश अग्रवाल ने कहा कि रेरा की वजह से रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता आएगी। एसोसिएशन के अध्यक्ष सीए विजय मालू ने कहा कि रेरा से उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा होगी।
धोखाधड़ी नहीं होने से बाजार में लोगो का विश्वास बढ़ेगा। इंदौर के सीए विष्णु अग्रवाल ने बताया कि रेरा के अंतर्गत बिल्डरों और डेवलपर्स को किसी परियोजना से प्राप्त 70% राशि को अलग बैंक एकाउंट में रखना होगा और उसका उपयोग सिर्फ परियोजना के लिए ही करना होगा। बिल्डर सीए, इंजीनियर व आर्किटेक्ट से अपने कार्य का सर्टिफिकेट लेकर ही बैंक एकाउंट से अमाउंट निकाल सकता है। बिल्डिंग में 5 साल के अंदर किसी भी तरह की खराबी के लिए वारंटी के तहत उसमें सुधार करने की जवाबदारी बिल्डर की होगी। अगर कोई व्यक्ति प्रॉपर्टी खरीदते वक्त 10% से ज्यादा एडवांस पेमेंट करता है तो बिल्डर को एग्रीमेंट करना ही होगा। रेरा के आदेश की अवहेलना करने पर परियोजना लागत का 10% पैनाल्टी और सजा तक का प्रावधान है। कार्यक्रम में रजिस्ट्रार रेरा अजय अग्रवाल, क्रेडाई के अध्यक्ष शैलेष वर्मा, सीए योगेश पुरोहित, सीए सुनील अग्रवाल, सीए किशोर बरडिया, सीए मयूर जैन, सीए रसिक चौहान, सीए शशिकांत चंद्राकर, एडवोकेट प्रवीण शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
आयकर बार एसोसिएशन और सीए ब्रांच ने रेरा पर रखा सेमिनार
रेरा से जुड़े नियमों पर बात रखते अतिथि।