राजधानी में एक साल में 86 फीसदी ट्रेनें आईं समय पर
वर्ष 2008 में तो ट्रेनें मात्र 62 फीसदी की एक्यूरेसी से चलती थीं। इसमें सुधार पिछले तीन साल से ही है।
एक्यूरेसी
86%
2016-17 में
84%
2014-15 में
84%
2015-16 में
ट्रेनों की संख्या भी बढ़ी
रोजाना औसतन 140 मेल व एक्सप्रेस सहित 330 ट्रेनें
अलग-अलग रूट पर 72 पैसेंजर ट्रेनें भी चल रही हैं।
एक साल में 261 फेरे के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई गई।
2015-16 में 116 फेरों के साथ ट्रेनों चलाई गई थी।
एक्सट्रा कोच
स्त्रोत - रेलवे जोन की ओर से जारी की गई रिपोर्ट
2885
इस साल
1795
पिछले साल