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खाना, भीड़ और बवाल के बहाने चुनाव रद्द दूसरे पक्ष ने इसे बताया राजनीतिक साजिश

3 वर्ष पहले
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मनवा कुर्मी समाज का चुनाव रविवार को भारी बवाल के बीच रद्द कर दिया गया। हफ्तेभर के भीतर चुनाव अधिकारी और प्रदेश के 10 राज प्रधान तय करेंगे कि आगे चुनाव होंगे भी या नहीं। कार्यवाहक अध्यक्ष सीताराम वर्मा चुनाव स्थगित करने का कारण अव्यवस्था को बता रहे हैं। इधर दूसरे पक्ष ने इसे राजनेताओं की साजिश बताया है। बता दें कि समाज के केंद्रीय अध्यक्ष का चुनाव होना है। अध्यक्ष ही अपनी कार्यकारिणी का मनोनयन करेंगे।

तिल्दा ब्लॉक के असौंदा गांव में रविवार सुबह 10 बजे मतदान शुरू हो गया था। दावा है कि वोट डालने समाज के रिकॉर्डेड सवा लाख में से 60 हजार के करीब सदस्य यहां पहुंचे थे। दोपहर 1 बजे राजनीतिक दल के प्रतिनिधि भी यहां पहुंचे। सार्वजनिक मंच से उन्होंने अव्यवस्था और लोगों के लिए पर्याप्त खाना नहीं होने की बात पर नाराजगी जताई। समाज के मीडिया प्रभारी उधोराम वर्मा का कहना है कि अव्यवस्था के अलावा समाज के कुछ लोग तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे थे। लोगों की परेशानियों को देखते हुए चुनाव अधिकारी मदनलाल कश्यप के नेतृत्व में कोर कमेटी की बैठक बुलाई गई। इसमें प्रदेश के सभी 10 राज प्रधान शामिल थे। आधे घंटे चली बैठक के बाद चुनाव रद्द करने की घोषणा की गई। दूसरा गुट बवाल न करता तो चुनाव रद्द करने की नौबत नहीं आती।

दूसरा पक्ष- कोर कमेटी की कोई बैठक

नहीं हुई, हार से डर गए थे

समाज के दूसरे गुट ने आरोप लगाया है कि राजनीतिक दलों के बड़े नेता अपने प्रत्याशी की हार से डर गए थे। चंद्रभूषण वर्मा का कहना है कि प्रदेश के सभी राज से चोवाराम वर्मा को भारी वोट मिल रहे थे। यह खबर जब नेताओं को मिली तो वे अपने प्रत्याशी और अपनी हार से डर गए। कोर कमेटी की कोई बैठक नहीं हुई है। नेता जैसे ही चुनाव स्थल पर पहुंचे, सीधे मंच पर चले गए और माइक से पानी-खाना का बहाना बताकर चुनाव स्थगित करने की घोषणा कर दी। नेताओं को सामाजिक मामलों में दखल नहीं देनी चाहिए।

पेश नहीं किया गया प्रतिवेदन

जानकारी के मुताबिक रविवार को भी नरदहा सामाजिक भवन का प्रतिवेदन पेश नहीं किया गया। भवन निर्माण के आय-व्यय का ब्योरा पिछली कार्यकारिणी ने शनिवार को बारिश होने के बाद रविवार को चुनाव से पहले 9 बजे पेश करने की बात कही थी। दूसरे गुट ने ही भवन निर्माण में रसीद बुक गायब कर घोटाला करने का आरोप भवन निर्माण समिति पर लगाया है।

बढ़ सकता है कार्यकाल, चुनाव के लिहाज से अहम

चुनाव अधिकारी और 10 राज प्रधानों के कोर कमेटी की बैठक हफ्तेभर के भीतर होगी। यहां तय किया जाएगा कि केंद्रीय अध्यक्ष पद के लिए दोबारा चुनाव होंगे या नहीं। अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक कोर कमेटी समाज में बढ़ते अंतरकलह को देखते हुए वर्तमान अध्यक्ष का कार्यकाल बढ़ा सकती है। ऐसा हुआ तो सीताराम वर्मा केंद्रीय अध्यक्ष के पद पर बरकरार रहेंगे। आगामी विधानसभा चुनाव के लिहाज से कोर कमेटी का फैसला महत्वपूर्ण होगा।

कोर कमेटी का फैसला मान्य

एक हफ्ते के भीतर कोर कमेटी इस मसले पर जो भी फैसला लेगी, वह मान्य है। दूसरा पक्ष जबरदस्ती बवाल नहीं करता तो चुनाव स्थगित करने की नौबत नहीं आती। अपनी गलती छिपाने के लिए दूसरा पक्ष झूठे आरोप लगा रहा है। - सीताराम वर्मा, प्रत्याशी

40 बूथ में 60 हजार सदस्य, वोट कैसे डालते

40 पोलिंग बूथ में 60 हजार लोग मतदान कैसे करते। चुनाव को लेकर की गई व्यवस्था में कमी थी। लोगों की परेशानियों को देखते हुए चुनाव स्थगित किया गया। अब कोर कमेटी जो भी फैसला लेगी, स्वीकार है। - रामकुमार सिरमौर, प्रत्याशी

समाज में काफी आक्रोश

साजिश के तहत चुनाव रद्द करवाया गया है। समाज के अंदर राजनीति की गई। बिना कारण चुनाव रद्द किए जाने से काफी आक्रोश है। अब फैसला समाज लेगा। कोर कमेटी के निर्देशों पर आगे का काम करेंगे। - चोवाराम वर्मा, प्रत्याशी

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