रायपुर | सरकारी निर्माण करने वाली डीएस कंस्ट्रक्शन कंपनी से उसके ही कैशियर ने 35 लाख की ठगी कर ली। आरोपी ने खुद की फर्जी कंपनी बनायी और बिना कारोबार के पैसों का भुगतान कर दिया। जब कंपनी ने ऑडिट कराया तब फर्जीवाड़ा सामने आया। पुलिस ने अकाउंटेंट चित्रकांत बघेल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को शक है कि आरोपी ने कंपनी को ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। पुलिस इसकी पड़ताल कर रही है।
पंडरी पुलिस के मुताबिक सड्डू के धनंजय सिंह वर्मा की डीएस कंस्ट्रक्शन कंपनी है। उनकी कंपनी का छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, पं.बंगाल और ओडिशा में काम चल रहा है। रायपुर के सड्डू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में कमर्शियल कांप्लेक्स का ठेका लिया है।
उनकी कंपनी में 2013 में चित्रकांत बघेल को अकाउंटेंट बनाया गया। कंपनी ने काम देखकर उन्हें पेमेंट और खरीदी-बिक्री का पूरा अधिकार दे दिया था। आरोपी ने इसी का फायदा उठाया और मार्च में अथर्व कंस्ट्रक्शन कंपनी को 35 लाख का भुगतान किया है, जबकि डीएस कंपनी का उससे कोई कारोबारी संबंध नहीं था। कंपनी के एमडी वर्मा का आरोप है कि आरोपी ने अलग-अलग तरह से फर्जीवाड़े किए हैं, जिनके दस्तावेज मिल गए हैं। कंपनी के पांच साल के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि आरोपी के और भी फर्जीवाड़े सामने आएंगे। पंडरी पुलिस ने शनिवार को आरोपी को उसे सड्डू वाले मकान से गिरफ्तार कर लिया है।