मंदिर हसौद और माना इलाके में छह महीने के भीतर चेन लूट की सात वारदातें करने वाला लुटेरा पकड़ा गया। बिना नंबर की बाइक में चेहरे पर कपड़ा बांधकर वह महिलाओं के गले से चेन लूटकर फरार हो जाता था। आठवीं वारदात करने निकला और पकड़ा गया। पुलिस के सामने जब उसका सच सामने आया तो अफसर भी हैरान रह गए। आरोपी के पिता कृषि विश्वविद्यालय में प्रशासनिक पद पर हैं। वह खुद शादीशुदा और एक बच्चे का पिता है। नशे की गिरफ्त में फंसकर वह लुटेरा बन गया।
पुलिस अफसरों ने बताया कि वह कोई काम नहीं करता। इस वजह से उसके पैसे नहीं रहते थे। अपने शौक पूरे करने के लिए वह लुटेरा बन गया। मंदिर हसौद थाना प्रभारी जितेंद्र वर्मा ने बताया कि आरोपी सुनील साहू (25)मंदिर हसौद के ग्राम गोढ़ी का रहने वाला है। उसके पिता शासकीय सेवक हैं। उनकी गांव में खेती बाड़ी भी है। आरोपी की चार साल पहले शादी हुई थी। वह महंगी चीजों को शौकीन होने के साथ नशे का आदी भी है। वह शादी के बाद भी कोई काम नहीं करता है। माना जा रहा है कि घर वालों ने जब उसे फिजूलखर्ची के लिए पैसे देने बंद कर दिए तब से वह लुटेरा बन गया।
पहली वारदात के बाद एक माह घर में रहा : छह माह पहले उसने सबसे पहली वारदात चंद्रखुरी रोड पर की। अकेली महिला पैदल जा रही थी। वह पीछे से बाइक पर आया और झपट्टा मारकर उसके गले से चेन छिनकर भाग गया। इस वारदात के बाद वह एक महीने तक घर पर ही रहा। उसे डर था कि पुलिस उस तक पहुंच सकती है। जब पुलिस उसे पकड़ नहीं पाई तो उसका मनोबल बढ़ गया। उसके बाद वह हर महीने लूटपाट करने लगा। आरोपी ने दो महीने पहले प्रतिमा साहू से लूटपाट की थी। उनकी एक तोले की चेन लूटी। एक महीने पहले बबीता बाई से भी उसी तरह लूटपाट की। पुलिस के अनुसार आरोपी ने मंदिर हसौद में पांच, माना और तेलीबांधा इलाके में एक-एक घटनाएं की है। उसने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया है।
वह लूटी हुई चेन आसपास के ज्वेलरी दुकान में बेच देता था।
बिना नंबर की बाइक से फंसा
पुलिस के अनुसार सभी वारदातों में आरोपी का हुलिया और कद काठी एक जैसा होने का पता चल रहा था। वह बिना नंबर की बाइक में निकलता था। चेहरे में हमेशा कपड़ा बांधे रहता था। लूट की शिकार महिलाओं ने आरोपी का हुलिया बताया था। उस आधार पर पुलिस उसकी तलाश में लगी थी। इस बार वह आठवीं घटना करने निकला था। आरोपी के कद काठी के आधार पर मुखबिर से पुलिस को सूचना मिली। सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लिया गया। सख्ती से पूछताछ में उसने गुनाह कबूल कर लिया।