नर्सों की हड़ताल के कारण अंबेडकर अस्पताल की व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। सुबह की शिफ्ट में 34 प्रशिक्षु छात्राओं की ड्यूटी लगाई गई थी। जबकि सामान्य दिनों में 100 से ज्यादा नर्स रहती हैं। नर्स नहीं होने के कारण मरीजों का रुटीन ऑपरेशन भी ठप है। केवल इमरजेंसी में ऑपरेशन किया जा रहा है। शनिवार को केवल चार मरीजों का इमरजेंसी में ऑपरेशन किया गया। मरीजों को दवा खिलाने व इंजेक्शन लगाने में भी परेशानी हो रही है। वेतन व स्टाफ बढ़ाने की मांग को लेकर अंबेडकर समेत सभी सरकारी अस्पतालों की नर्स शुक्रवार से बेमुद्दत हड़ताल पर चली गई हैं। वे ईदगाहभाठा स्थित धरना स्थल पर हड़ताल में बैठ गई हैं। हड़ताल के कारण प्रदेश के सबसे बड़े अंबेडकर अस्पताल में भर्ती मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। उन्हें इंजेक्शन लगाने से लेकर दवाई देने में देरी हो रही है। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि सरकारी व निजी नर्सिंग कॉलेजों की 171 प्रशिक्षु छात्राओं की ड्यूटी अस्पताल में लगाई है। ये तीनों शिफ्ट मिलाकर है।
सुबह की शिफ्ट में केवल 34 प्रशिक्षु की ड्यूटी लगाने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। आईसीयू, ट्रामा सेंटर, सीसीयू में खासकर जहां प्रशिक्षित नर्सों की जरूरत होती है, वहां मरीज भगवान भरोसे हैं। हालांकि जूनियर डॉक्टर स्थिति को संभालने का प्रयास कर रहे हैं। उनकी मदद इंटर्न डॉक्टर भी कर रहे हैं। बावजूद मरीजों की शिकायत कम नहीं हुई है। गायनी विभाग में 12 महिलाआें की डिलीवरी हुई। इनमें 10 नार्मल व दाे सीजेरियन था। ओपीडी में 1509 मरीजों का इलाज किया गया। ओपीडी से नर्सें गायब हैं। नेत्र रोग विभाग, ट्रामा सेंटर, गायनी में मरीजों की परेशानी इसलिए बढ़ गई है, क्योंकि जूडो के बाद नर्सों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। बाकी विभागों में परेशानी कम नहीं है। प्रबंधन का कहना है कि नर्सों को मनाने का काम किया जा रहा है।
हड़ताल नहीं करने के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी में कार्यरत नर्सों की हड़ताल को अवैध बताते हुए कार्रवाई करने को कहा है। सीएमओ व सिविल सर्जन को दिए आदेश में कहा गया है कि नर्सों को हड़ताल करने का अधिकार नहीं है। वे जरूरी सेवा में ड्यूटी करती हैं। इसके कारण मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है।
प्रमुख मांगें
- ग्रेड पे 2800 रुपए से बढ़ाकर 4600 रुपए करना।
- तीन से चार इंक्रीमेंट देना।
- स्टाफ नर्स की संख्या बढ़ाना।
- नाइट अलाउंस देना।
- अस्पताल परिसर में क्वार्टर।
- अस्पताल में झूलाघर।