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रविवि में नए कोर्स पर संशय, प्रस्ताव पर नहीं लगी मुहर

3 वर्ष पहले
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पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की अध्ययनशाला में इस बार भी नए कोर्स को लेकर संशय की स्थिति है। वह इसलिए क्योंकि पिछली बार विश्वविद्यालय से करीब आधा दर्जन नए कोर्स के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन इनमें से किसी पर मुहर नहीं लगी। इसे लेकर विश्वविद्यालय ने इस बार नए कोर्स को लेकर कोई प्रस्ताव तक नहीं बनाया। ऐसे में यह संकेत मिल रहे हैं कि इस बार फिर पुराने कोर्स में ही विद्यार्थियों का दाखिला होगा, इसके अनुसार ही पढ़ाई होगी।

एमए संस्कृत, एमए राजनीति विज्ञान, फाइन आर्ट, एलएलबी, एमएससी बायोस्टेटिक्स, डिप्लोमा इन क्रोनोबायोलॉजी समेत अन्य कोर्स को शुरू करने के लिए विश्वविद्यालय ने दो साल पहले प्रस्ताव बनाया था। इसके लिए शिक्षाविदों से सुझाव भी मांगे थे। सभी बातों को रखते हुए पिछले साल यह प्रस्ताव उच्च शिक्षा को भेजा। संभावना थी कि पिछले साल ही इनमें से कुछ कोर्स पर शासन की मुहर लगेगी। फाइन आर्ट को लेकर विवि के अधिकारियों की दिलचस्पी भी ज्यादा थी इसलिए इस कोर्स को लेकर संभावना ज्यादा थी। पिछली बार दाखिले का पूरा समय बीत गया, लेकिन शासन से प्रस्ताव पर मुहर नहीं लगी।

विश्वविद्यालय की नजरें अब भी इन कोर्स पर टिकी है। इसलिए इस बार कोर्स को लेकर कोई नया प्रस्ताव नहीं बनाया गया है। अफसरों का कहना है कि इस बार भी पुराने कोर्स में ही विद्यार्थियों को दाखिला लेना होगा। नए कोर्स को लेकर फिलहाल स्थिति साफ नहीं है।

एमए संस्कृत, एमए राजनीति, एलएलबी समेत अन्य कोर्स अध्ययनशाला में शुरू करने की थी योजना

3 नए विभाग की योजना भी फेल

रविवि में वर्तमान समय में करीब 27 विभाग हैं। यहां कई तरह के कोर्स संचालित हैं। अंग्रेजी, पर्यावरण व खनिज र| अध्ययन को लेकर तीन नए विभाग के लिए भी प्रस्ताव बनाया गया था। इन विभागों में पीजी की डिग्री, डिप्लोमा, एमफिल समेत पीएचडी के कोर्स शुरू करने की योजना बनाई थी। इसका सेटअप कैसा होगा? टीचर कितने होंगे समेत अन्य को लेकर पूरा प्रस्ताव बनाया गया था। संभावना थी कि पिछली बार भी इन विभागों को शुरू करने की मंजूरी मिल जाएगी, लेकिन फिलहाल यह योजना भी फेल हो गई है। कामर्स व पॉलिटिकल साइंस की पढ़ाई भी रविवि में नहीं है। इसके लिए भी योजना बनी थी, लेकिन यह मामला भी ठंडे बस्ते में है।

बेसिक साइंस के फार्म अगले माह

सेंटर फॉर बेसिक साइंस में प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया अगले महीने शुरू होगी। प्रवेश परीक्षा के आधार पर इस सेंटर में विद्यार्थियों को दाखिला मिलेगा। इस बार भी रविवि से ही इसकी प्रवेश परीक्षा होगी। हालांकि विश्वविद्यालय किसी संस्थान के माध्यम राष्ट्रीय स्तर पर इसकी परीक्षा आयोजित कराना चाहता था, लेकिन बात नहीं बन पाई। रविवि में करीब चार बरस पहले सेंटर फॉर बेसिक साइंस की शुरुआत की गई थी। इस सेंटर में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ, बायो को लेकर पांच साल का कोर्स है। इसमें करीब 50 सीटें हैं। इस सेंटर में प्रवेश मिलने के बाद विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए प्रति महीने पांच हजार रुपए की स्कॉलरशिप भी मिलती है।

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