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लवाचा में आपसी समझाइश पर थमा बवाल मृतक आश्रितों को 4 लाख देने पर रजामंदी

3 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | रायपुर मारवाड़

निकटवर्ती लवाचा में रेलवे दोहरीकरण निर्माण से जुड़ी एक निजी कंपनी के यार्ड में तैनात गार्ड व इसी कंपनी में लगे ट्रैक्टर चालक की मौत के बाद 3 दिन से चल रहा बवाल बुधवार को मृतक परिजनों, कंपनी के अधिकारियों तथा पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुई वार्ता के बाद थम गया। मृतक आश्रित परिवार को 4 लाख रुपए की सहायता देने के लिए निर्माणकारी कंपनी राजी हो गई है। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम कराया गया। बुधवार शाम को उसका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान भारी मात्रा में पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस ने गार्ड की मौत के मामले को हादसे में दर्ज कर लिया है।

जानकारी के अनुसार लवाचा निवासी प्रेमसिंह पुत्र हजारी सिंह की सोमवार रात ट्रैक्टर की चपेट में आने से मौत हो गई थी। मृतक के परिजन व रावत समाज ट्रैक्टर चालक पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग करते हुए सोमवार रात ही थाने पहुंच गए। मंगलवार सुबह ब्यावर के राजकीय अस्पताल में भर्ती ट्रैक्टर चालक की भी उपचार के दौरान मौत हो गई। इस पर ट्रैक्टर चालक के परिजन ग्रामीणों द्वारा मारपीट किए जाने के कारण मौत होने का आरोप लगाते हुए हत्या का मामला दर्ज करने की मांग पर आक्रोशित हो गए थे। मंगलवार सुबह करीब दस बजे लवाचा के ग्रामीण एक बार फिर शामिल हुए और कंपनी के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर मृतक के आश्रितों को उचित आर्थिक सहायता देने व आश्रित को नौकरी देने की मांग पर अड़ गए। काफी देर इंतजार के बाद भी कंपनी के किसी प्रतिनिधि के मौके पर नहीं पहुंचने से नाराज ग्रामीणों ने यार्ड में खड़े 4 वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर आरएसी तैनात कर दी व चार उपद्रवियों को हिरासत में लिया था।

बुधवार शाम को अंतिम संस्कार के दौरान भी तैनात रहा पुलिस बल

आठ चरणों में बैठक, 4 लाख रुपए में राजीनामा

3 दिन तक चले घटनाक्रम के दौरान मंगलवार को एक जेसीबी, 2 डंपर तथा एक बाइक फूंकने के बाद निर्माणकारी कंपनी के अधिकारी बैकफुट पर आ गए थे। पहले वे किसी तरह का मुआवजा देने क पक्ष में नहीं थे। बुधवार को 8 वीं बार वार्ता हुई, इसमें कंपनी ने मृतक परिजनों को 4 लाख रुपए मुआवजा देने की सहमति दी।

पुलिस करेगी कंपनी के खिलाफ शिकायतों की जांच

रेलवे दोहरीकरण निर्माण में कंपनी की तरफ से बरती जा रही अनियमितताएं तथा आसपास के क्षेत्रों में हो रही अवैध गतिविधियों को लेकर भी ग्रामीणों ने काफी रोष जताया। बजरी खनन को लेकर ज्यादा आक्रोश था, इस पर पुलिस ने आश्वस्त किया कि वे अब ऐसा नहीं होने देंगे। साथ ही शिकायतों की जांच भी होगी।

दुर्घटना का मामला दर्ज, पुलिस पहरे में शव का अंतिम संस्कार

आपसी रजामंदी के बाद परिजनों ने भी दुर्घटना होने का ही मामला दर्ज करने पर अपनी रजामंदी दे दी थी। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। शव का लवाचा में ही बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पुलिस भी अनहोनी होने की आशंका के चलते तैनात रही।

कंपनी में लगे पुलिसकर्मियों समेत अन्य वाहनों की जांच होगी

कंपनी में अपने दबदबे तथा रसूखात का उपयोग कर लगाए गए ट्रैक्टर समेत अन्य वाहनों के बारे में भी पुलिस पता लगा रही है। मंगलवार को सामने आया था कि रायपुर थाने के हेड कांस्टेबल के स्वामित्व वाला ट्रैक्टर से ही उक्त दुर्घटना हुई थी। इसके बाद माहौल बिगड़ा था।

भास्कर न्यूज | रायपुर मारवाड़

निकटवर्ती लवाचा में रेलवे दोहरीकरण निर्माण से जुड़ी एक निजी कंपनी के यार्ड में तैनात गार्ड व इसी कंपनी में लगे ट्रैक्टर चालक की मौत के बाद 3 दिन से चल रहा बवाल बुधवार को मृतक परिजनों, कंपनी के अधिकारियों तथा पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुई वार्ता के बाद थम गया। मृतक आश्रित परिवार को 4 लाख रुपए की सहायता देने के लिए निर्माणकारी कंपनी राजी हो गई है। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम कराया गया। बुधवार शाम को उसका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान भारी मात्रा में पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस ने गार्ड की मौत के मामले को हादसे में दर्ज कर लिया है।

जानकारी के अनुसार लवाचा निवासी प्रेमसिंह पुत्र हजारी सिंह की सोमवार रात ट्रैक्टर की चपेट में आने से मौत हो गई थी। मृतक के परिजन व रावत समाज ट्रैक्टर चालक पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग करते हुए सोमवार रात ही थाने पहुंच गए। मंगलवार सुबह ब्यावर के राजकीय अस्पताल में भर्ती ट्रैक्टर चालक की भी उपचार के दौरान मौत हो गई। इस पर ट्रैक्टर चालक के परिजन ग्रामीणों द्वारा मारपीट किए जाने के कारण मौत होने का आरोप लगाते हुए हत्या का मामला दर्ज करने की मांग पर आक्रोशित हो गए थे। मंगलवार सुबह करीब दस बजे लवाचा के ग्रामीण एक बार फिर शामिल हुए और कंपनी के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर मृतक के आश्रितों को उचित आर्थिक सहायता देने व आश्रित को नौकरी देने की मांग पर अड़ गए। काफी देर इंतजार के बाद भी कंपनी के किसी प्रतिनिधि के मौके पर नहीं पहुंचने से नाराज ग्रामीणों ने यार्ड में खड़े 4 वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर आरएसी तैनात कर दी व चार उपद्रवियों को हिरासत में लिया था।

दुर्घटना में दर्ज हुआ मामला

दोनों पक्षों से समझाइश कर पुलिस ने ट्रैक्टर चालक रत्तीराम व गार्ड प्रेमसिंह की मौत को हादसे में हुई मौत मानते हुए दुर्घटना की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ की है।

ब्लास्टिंग से लेकर माइनिंग तक हर कार्य हो रही नियमों की अवहेलना

रेलवे दोहरीकरण से जुड़ी इस कंपनी पर पिछले एक साल से कई लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। स्थानीय निवासियों व जनप्रतिनिधियों की शिकायतों के आधार पर दैनिक भास्कर भी इस कंपनी द्वारा किए जा रहे नियम विरूद्व कार्यों का सिलसिलेवार ढंग से प्रकाशित कर रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग न तो कोई कार्रवाई करने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं और न ही कंपनी को नियमानुसार कार्य करने के लिए पाबंद ही किया जा रहा है।

चार लाख का मुआवजा देगी कंपनी

समझाइश के बाद मृतक के परिजन शव उठाने के लिए राजी हो गए हैं। कंपनी चार लाख का मुआवजा मृतक आश्रितों को देगी। दुर्घटना में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच प्रारंभ की है। समंदर सिंह भाटी, एसडीएम रायपुर।

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