पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • डेढ़ साल से बंद नल जल योजना को अफसरों ने बताया चालू, सदस्य बोले खुले पड़े हैं पाइप

डेढ़ साल से बंद नल-जल योजना को अफसरों ने बताया चालू, सदस्य बोले-खुले पड़े हैं पाइप

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
औबेदुल्लागंज ब्लाक के ईंटखेड़ी गांव में 1 करोड़ 83 लाख रुपए की लागत से तैयार हुई नल-जल योजना डेढ़ साल से बंद है। जब यह बात जिला पंचायत सदस्य फूल सिंह ने सामान्य सभा की बैठक में रखी तो पीएचई के अधिकारी ने उक्त योजना को चालू होना बता दिया। यह बात सुनने के बाद जिला पंचायत सदस्य ने पीएचई के अधिकारियों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जल सप्लाई के पाइप ही खुले पड़े हुए हैं तो फिर योजना कैसे चालू हो गई। ऐसा लगता है कि विभाग ने उक्त योजना को कागजों में तो चालू दर्शा दिया है, लेकिन गांव की जनता पानी के लिए परेशान हो रही है। इसके बाद भी अधिकारी झूठ बोलने से बाज नहीं आया, उसने फिर कहा कि मार्च में मरम्मत करवा दी गई थी। जिपं सदस्य फूल सिंह और मदन सिंह ने गलत जानकारी देने वाले पीएचई अधिकारी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव रखकर कार्रवाई करने की मांग की। सोमवार को जिला पंचायत अध्यक्ष अनीता किरार की अध्यक्षता में हुई सामान्य सभा की बैठक में पानी और सड़क का मुद्दा छाया रहा।

रायसेन बस स्टैंड से कलेक्टोरेट तक सड़क की दुर्दशा पर सदस्याें ने जताई नाराजगी

बैठक में जिला पंचायत सदस्यों ने की पीएचई अधिकारी की शिकायत।

नल-जल योजनाएं बंद

बैठक में बाड़ी जनपद पंचायत अध्यक्ष मकरंद सिंह ने कहा कि 15 दिन बाद बारिश शुरू हो जाएगी, लेकिन कई गांव ऐसे हैं, जहां नल-जल योजनाएं और हैंडपंप बंद हैं, जिससे ग्रामीणों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। पीएचई के अधिकारियों को शिकायत करने के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बैठक में मौजूद जिला पंचायत सीईओ अमनवीर सिंह बैस ने सदस्याें को सुझाव देते हुए कहा कि वे अपने प्रस्ताव लिखित में उन्हें उपलब्ध करवा दिया करें, ताकि प्रस्तावों को शीघ्र अमल में लाया जा सके।

जिला मुख्यालय पर ही अच्छी नहीं है सड़क

जिला पंचायत सदस्य नेतराम कौरव ने कहा कि जिला मुख्यालय पर बस स्टैंड से लेकर कलेक्ट्रोरेट तक की सड़क से रोजाना कलेक्टर, एसपी, सीईओ और मंत्री तक आना-जाना करते हैं, लेकिन उस सड़क की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है। जब जिला मुख्यालय की सड़क ही रोजाना निकलने वाले अधिकारी ठीक नहीं करवा पा रहे हैं तो ग्रामीण क्षेत्र की सड़काें को ठीक होने की आसा कैसे की जा सकती है। श्री कौरव ने बताया कि उदयपुरा से अनघोरा तक नर्मदा नदी जाने वाला रास्ता बहुज ज्यादा खराब हो चुका है।

तालाबंदी के डर से बैठक में आए सभी अधिकारी

10 मई को जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक अधिकारियों के नहीं आने के कारण स्थगित हो गई थी, तब सदस्याें ने कलेक्टर के पास पहुंचकर इसकी शिकायत की थी और अगली बैठक में अधिकारियों के नहीं आने पर उनके विभाग में ताला डाल देने की चेतावनी दी थी। इस कारण सोमवार को हुई सामान्य सभा की बैठक में समय से पहले ही सभी विभागों के अधिकारी आकर बैठ गए थे। अध्यक्ष सहित सदस्यों के लेट आने से बैठक आधे घंटे की देरी से चालू हो पाई।

स्कूल भवन भी हैं अधूरे

जिला पंचायत सदस्य मदन लाल ने बताया कि तीन साल बाद भी स्कूलों के भवन बनकर तैयार नहीं हो पाए हैं। इससे बच्चों को पुराने भवन में ही अपनी पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। वामनखेड़ा गांव का स्कूल भी अब तक अधूरा है। इस पर सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक विजय नेमा ने कहा कि उसे दिखावा लेते हैं। उन्होंने बताया कि 11 उपयंत्री जिले भर में काम कर रहे हैं, जिनमें से सात उपयंत्रियों के तबादले करने के लिए प्रस्ताव बनाकर दिए गए हैं। तीन उपयंत्री पांच साल वाली परिधि में नहीं आते हैं।

खबरें और भी हैं...