प्रदेश सरकार द्वारा कृषि भूमि का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने तथा बटाईदार एवं भूमिस्वामी के अधिकारों एवं हितों के संरक्षण के लिए मध्यप्रदेश भूमि स्वामी एवं बटाईदार के हितों का संरक्षण अधिनियम-2016 बनाया गया है। अधिनियम पर राष्ट्रपति की अनुमति मिलने के बाद 9 मई 2018 से यह पूरे प्रदेश में प्रभावशील हो गया है। इस अधिनियम के लागू होने से भूमि-स्वामी निश्चिंत होकर जमीन बंटाई पर दे सकेगा। इससे जमीन पड़त में नहीं रहेगी। कृषि भूमि का अधिकतम उपयोग हो सकेगा। इससे कृषि उत्पादकता बढ़ेगी। प्राकृतिक आपदा आने पर राहत भी मिल सकेगी।