पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • नई गाइड लाइन में नहीं बढ़ेंगे जमीन के रेट, पुराने दर पर होंगी रजिस्ट्रियां

नई गाइड लाइन में नहीं बढ़ेंगे जमीन के रेट, पुराने दर पर होंगी रजिस्ट्रियां

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
19 जनवरी से शहरी क्षेत्र की रजिस्ट्रियों में 1 फीसदी स्टांप ड्यूटी बढ़ाई जा चुकी है।

ग्रामीण क्षेत्र में भी 1 फीसदी जनपद का टैक्स बढ़ाने पर चल रहा है विचार

सांची, भोपाल, सागर मार्ग ज्यादा महंगे

रायसेन शहर में सांची रोड, भोपाल रोड और सागर रोड सबसे महंगे इलाकों में शुमार हैं। यहां पर 12 हजार रुपए वर्गमीटर रेट है। शीतल सिटी, कलेक्टोरेट काॅलाेनी, गोल्डन सिटी, शीतल गार्डन, संस्कार विहार काॅलोनी, वीआईपी काॅलोनी सहित अन्य काॅलोनियाें में 5500 रुपए वर्ग मीटर के हिसाब से रजिस्ट्री होती है। गंज बाजार में 8800 रुपए और नवाबपुर भारत नगर में 7000 रुपए वर्गमीटर के रेट से जमीन का सौदा हाेता है। शहर में गवोईपुरा आैर टांका मोहल्ला शहर में ऐसे स्थान हैं, जहां जमीन के रेट सबसे कम हैं। गवोईपुरा में मात्र 1800 रुपए और टांका मोहल्ले में 2000 रुपए वर्ग मीटर के रेट से जमीन की रजिस्ट्री हो जाती है। नई गाइड लाइन में लोग इन क्षेत्रों में पुरानी दरों पर ही जमीन की खरीदी कर रजिस्ट्रियां करवा सकेंगे।

पिछले वित्तीय वर्ष में रायसेन में मिला 62 करोड़ का राजस्व

सांची रोड, भोपाल रोड और सागर रोड पर सबसे महंगी रजिस्ट्री

जिले में अधूरा रह गया टारगेट

जिला पंजीयन विभाग को 2017-18 में 75 करोड़ का टारगेट मिला था, जो वित्तीय वर्ष में 63 करोड़ तक ही पहुंच पाया है। इस तरह पंजीयन विभाग 12 करोड़ रुपए राजस्व से पीछा रह गया। टारगेट पूरा नहीं होने का कारण जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में रीयल मार्केट में तीन साल से मंदी बनी रहने की बात रखी गई। ऐसी स्थिति में नए वित्तीय वर्ष में टारगेट को पूरा करने के लिए गाइड लाइन में रेट नहीं बढ़ाने का सुझाव दिया गया है, जिसे समिति के सदस्यों ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया। जिला मूल्यांकन समिति की यह बैठक 17 मई को कलेक्टर भावना वालिंबे की अध्यक्षता में आयाेजित की गई।

रीयल स्टेट में अब आएगा उठाव

रीयल स्टेट में तीन साल से मंदी का दौर चल रहा था, जिससे जमीन की खरीद फरोख्त भी प्रभावित हो रही थी। अार्थिक मंदी का दौर खत्म होने से अब इस क्षेत्र में उठाव की स्थिति बन रही है। आने वाले समय में रीयल स्टेट में पहले जैसी स्थिति बन जाएगी। इससे लोगों को जमीन के अच्छे भाव मिलने लगेंगे। सुनील चतुर्वेदी, काॅलोनाइजर रायसेन

जिले की गाइड लाइन में नहीं बढ़ाए रेट

जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में इस बार रेट नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। समिति के प्रस्ताव को केंद्रीय मूल्यांकन समिति के पास भेजा जा रहा है। रेट नहीं बढ़ने से राजस्व में भी वृद्धि होेने का अनुमान है। देवकी नंदन दोहरे, जिला पंजीयक रायसेन

खबरें और भी हैं...