बागौदा सहित आसपास के करीब एक दर्जन से अधिक गांव वालों के लिए शनिवार का दिन दोहरी सौगात लेकर आया। एक ओर जहां उन्हें साढ़े पांच करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित बेतवा पर बनाया गया बैराज मिल गया वहीं दूसरी ओर बागौदा से अमरावद मार्ग का भूमिपूजन भी वनमंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार ने कर दिया।
जल संसाधन विभाग द्वारा बागौदा गांव में बनवाए गए बैराज से 16 गांव के लोगों को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। वहीं बागौदा गांव से अमरावद तक की सड़क बन जाने से रहवासियों को रायसेन आने के लिए 8 किमी की कम दूरी तय करना पड़ेगी। वनमंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार ने नवनिर्मित बैराज का लोकार्पण और सड़क का भूमिपूजन किया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अनीता किरार, महामंत्री राकेश तोमर, विधायक प्रतनिधि डॉ. जयप्रकाश किरार ,वर्षा लोधी, सुनील शर्मा, मुदित शेजवार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नेता और डीएफओ राजेश खरे, जल संसाधन विभाग के ईई अनिल अग्रवाल मौजूद थे।
रायसेन पहुंचने में 8 किलो मीटर दूरी होगी कम
अमरावद सहित आसपास के आठ गांवों के रहवासियों को कौड़ी से होते हुए रायसेन पहुंचना होता था, लेकिन अमरावद और बागौदा के बीच बैराज के दोनों ओर एक-एक किलो मीटर लंबी ग्रेवल सड़क बन जाने के बाद उन्हें रायसेन पहुंचने के लिए आठ किमी की कम दूरी कम तय करना होगी। यह ग्रेवल सड़क वन विभाग द्वारा 37 लाख रुपए की लागत से बनाई जाएगी।
वन विभाग अमरावद और बागौदा के बीच बनाएगा 37 लाख रुपए की लागत से 2 किमी लंबी ग्रेवल सड़क
वनमंत्री बोले-जंगल में मोर नाचा किसने देखा
बैराज का लोकार्पण और सड़क के भूमि पूजन कार्यक्रम में वन मंत्री डॉ गौरीशंकर शेजवार बोले प्रदेश के मुख्यमंत्री खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए दिन रात काम कर रहे हैं। लागत में कमी लेकर किसानों को गेहूं का 2 हजार रुपए प्रति क्विंटल का भाव दिला रहे हैं। उन्होंने कहा कार्यक्रम नहीं रखते तो लोगों को पता नहीं चलता की बैराज बनकर तैयार हो गया है। अब आप लोगों के माध्यम से गांव-गांव तक इसकी चर्चा चलेगी। नहीं तो जंगल में मोर नाचा किसने देखा वाली कहावत होकर रह जाती। वहीं डाॅ. जयप्रकाश किरार ने कांग्रेस शासन और भाजपा सरकार में सिंचाई के रकबे की तुलना करके विकास की बात लोगों को समझाई।
लोकार्पण करने के बाद नवनिर्मित बैराज का निरीक्षण करते वनमंत्री शेजवार।
16 गांवों के 371 परिवारों को मिलेगा सिंचाई के लिए पानी
बागौदा के पास से निकली बेतवा नदी पर जल संसाधन विभाग द्वारा साढ़े पांच करोड़ रुपए की लागत से 110 मीटर लंबाई वाला बैराज बनाया गया है। इस बैराज में 4 मीटर तक की ऊंचाई तक पानी जमा होगा। इस बैराज से 550 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई की जा सकेगी। वहीं दूसरी ओर बैराज के बैक वाटर से नीमखेड़ा तक 8 किमी लंबाई में बेतवा नदी में पानी भरा रहेगा। इसके पानी से क्षेत्र के 16 गांवों के 371 किसान अपने खेतों में सिंचाई कर सकेंगे। इससे जहां एक ओर उत्पादन बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर इन गांवाें के रहवासियों की आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी। बैराज से अमरावद, हरिनगर, रमासिया, बीदपुरा, सिंगपुर, सिलपुरी, सिहोरा, इमलिया, सेहवासिनी, सालेरा, बागौदा, बिलास, बरौला, माखनी, बराई खास और तिजालपुर गांव के लोगों काे इसी बारिश के बाद से सिंचाई के लिए पानी मिलने लगेगा।