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सोना-चांदी में तेजी का बाजार में असर नही, खरीदी के लिए उमड़ी भीड़

3 वर्ष पहले
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आदिवासी समाज सहित अन्य समाजों में अक्षय तृतीया पर विवाह समारोह की धूम से बाजारों में रौनक बढ़ गई। सोने, चांदी के गहनों के साथ कपड़ें, बर्तनों की जमकर खरीदारी की गई। बाजार में आदिवासी समाज के लोग टोलियों के रुप में आकर खरीदी कर रहे हैं। किराना, इलेक्ट्रानिक्स एवं फर्नीचर की दुकानों पर भी भीड़ लगी। बाजार में भीड़ होने से सड़कों पर बार-बार होने वाले जाम से लोग परेशान हुए। आदिवासी समाज में पिछले एक माह से विवाह समारोह हो रहे हैं लेकिन आखातीज के आते आते इनकी संख्या अधिक बढ़ गई। शादी ब्याह के लिए ग्रामीण अपनी परंपरा का अनुसरण करते हुए समूह के रुप में खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। इसमें आम दिनों में भी हाट बाजार सा अहसास हो रहा हैं।

तेजी के बावजूद सर्वाधिक खरीदी चांदी के गहनों की : बाजार में सोना एवं चांदी के भावों में वर्तमान में तेजी बनी हुई हैं। इसके बावजूद भी ग्रामीणजन जमकर चांदी के गहनों की खरीदी कर रहे हैं। आदिवासी समाज में चांदी के गहनों का लेनदेन बड़े पैमाने पर होता हैं। सराफा व्यापारियों के अनुसार ग्रामीण चांदी के गहने ही खरीदते हैं। चांदी के आसमान छूते दामों के बावजूद आकर्षण कम नही हुआ हैं। सीजन में कारोबार जमकर होने की उम्मीद व्यापारियों को है। आदिवासी समाज के लोग मंगलवार के दिन टोलियों के रुप में बाजारों में गीत गाते हुए नजर आए। सराफा दुकानों पर पैर रखने की जगह नही थीं यहां तक की सड़क पर भी टोलियां इंतजार करते देखी गई। मंगलवार को चांदी के भाव 40 हजार रु. प्रति किलो के करीब पहुंच गए। सोने के दामों में भी वृद्धि करीब 32 हजार रु. का दस ग्राम हो गया।

पारंपरिक वस्त्रों के साथ पेंट, शर्ट और साड़ियों की मांग : शादी ब्याह के लिए इस बार पारंपरिक कपड़ों के अलावा पेंट शर्ट और साड़ियों की भी जमकर खरीदी हो रही हैं। खरीदारी के लिए आनेवाले दूल्हा, दुल्हन भी अब आधुनिक वेश नजर आ रहे हैं। गहनों, कपड़ों के अलावा बर्तन एवं इलेक्ट्रानिक्स आइटम की भी जबर्दस्त मांग बनी हुई है। विशेष रूप से टच स्क्रीन मोबाइल एवं यूएसबी प्लेयर की मांग अधिक हैं। बर्तनों में स्टील के बर्तन भी लिए जा रहे हैं।

आमजनों के लिए बनी मुसीबत

आखातीज पर नगर में ग्राहकी से जहां व्यापारी खुश हैं वहीं भीड़भाड़ से आमजन परेशान हैं। भीड़ के कारण दिनभर बाजार में जाम लगता रहा। यातायात पुलिस की व्यवस्था न होना एवं पुलिस द्वारा भीड़ को नियंत्रित कर ट्राफिक व्यवस्थित नहीं करने से लोगों को परेशानी उठाना पड़ी। बाजारों में सड़कों पर दुकानों का सामान फैला हुआ हैं लेकिन नगर परिषद भी कोई कार्रवाई नहीं कर रही हैं। सार्वाधिक समस्या तिलक मार्ग, जवाहर मार्ग पर हुई।

आदिवासी समाज के लोग मंगलवार के दिन टोलियों के रुप में बाजारों में गीत गाते हुए दिखाई दिए

राजगढ़ . इस प्रकार से मंगलवार को बाजार आदिवासियों से गुलजार रहे।

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