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20 में से 3 बसें ही चली, मैजिक में क्षमता से ज्यादा सवारियां ले गए

3 वर्ष पहले
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बस मालिकों द्वारा की गई हड़ताल का यहां भी व्यापक असर पड़ा। दिनभर यात्री अपने गंतव्य स्थानों पर जाने के लिए बसों की प्रतीक्षा करते रहे। किराया बढ़ाने की मांग को लेकर की गई हड़ताल के कारण नगर के बस स्टैंड पर इक्का दुक्का बसें ही दिनभर में दिखाई दी। हालांकि हड़ताल की पूर्व सूचना होने से यात्री भी बस स्टैंडपर कम संख्या में दिखाई दिए। ग्रामीण क्षेत्रों से आनेवाले जरुर परेशान रहे। यहां टेम्पों एवं अन्य वाहनों में ग्रामीणों की भीड़ दिखाई दी।

बस स्टैंड अत्यंत भीड़भाड़ वाला होकर प्रतिदिन सुबह 6 बजे से ही विभिन्न स्थानों पर जाने के लिए यात्रियों को साधन आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं लेकिन सुबह 6 से 9 बजे के मध्य चलने वाली अधिकांश बसें हड़ताल के कारण रुट पर नहीं आई। करीब 15 से 20 बसें इस अवधि में रुटों पर चलती है। इनमें मुख्य रुप से इंदौर, आलीराजपुर, कुक्षी, रतलाम, उज्जैन के लिए जानेवाले यात्रियो को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। 20 में से मात्र 2-3 बसें ही रुट पर आई। इसके बाद भी दिनभर में एक या दो कम्पनी की बसें ही यहाॅ आई। इस प्रकार से दिनभर बस स्टैण्ड पर सन्नाटा छाया रहा। बसों की हड़ताल किराया बड़ाने को लेकर की गई थी लेकिन यात्रियों ने भी अपनी पीड़ा बताई और कहाॅ कि भले ही किराया आंषिक रुप से बड़ाया जाऐ लेकिन बसों में सुविधाजनक बैठने की जगह भी दी जाए। वर्तमान में बसों में ठूस-ठूस कर 50 की बजाए 75 से 80 या उससे भी अधिक सवारियों को ढोया जा रहा हैं।

हड़ताल से बस स्टैंड पर सन्नाटा रहा

बदनावर|
निजी बस आॅपरेटर्स के आह्वान पर अनिश्चितकालीन यात्री बसों की हड़ताल के पहले दिन सोमवार को यहां बस स्टैंड पर यात्री बसों की बहुत कम आवाजाही के कारण सन्नाटा पसरा रहा। ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले यात्रियों को बस हड़ताल के बारे में पता नहीं होने से वे सुबह से ही बस स्टेंड पर आकर इंतजार करने लगे। बाद में बड़ी चैपाटी पर जाकर इक्का दुक्का चल रही बसों में बैठकर रवाना हुए। बड़ी चौपाटी पर पूरे दिन यात्रियों की आवाजाही लगी रही। तेज धूप में महिलाओं व बच्चों को सड़क पर जान का खतरा उठाते हुए बसों के लिए दौड़भाग करना पड़ी। इंदौर रतलाम मार्ग पर कुछ बसें चली, किंतु धार, रतलाम व उज्जैन, पेटलावद, राजगढ़, सरदारपुर मार्ग पर आवागमन ठप रहा। हड़ताल के मंगलवार को भी जारी रहने की संभावना है।

बस नहीं चलने से मैजिक आेवरलोड होकर चले

अमझेरा|
बस संचालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते बस नहीं चली। बस संचालक रामसिंह वर्मा (धार) ने बताया सरकार द्वारा किराये में वृद्धि नहीं की जा रही है। जिसके चलते हड़ताल का फैसला लिया गया। बसों के इंतजार मे मुसाफिर होते रहे परेशान, आग उगलती धूप से बचने के लिए यात्री अपने बच्चो को लेकर जहां छाया दिखी वही दुबककर बैठे रहे। मांगोद-मनावर रूट पर तथा ग्रामीण क्षेत्र में भी रोज की तरह चलने वाली बसे पुर्ण रुप से बंद रही। मैजिक वाहनों में क्षमता से ज्यादा सवारियां बैठाई गई।

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