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मोहनपुरा बांध परियोजना| शाहपुरिया और उदपुरिया के पास पहुंचा डेम का पानी

4 वर्ष पहले
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जीवनदायिनी नेवज नदी पर 38 अरब रुपए की लागत से बनाए गए मोहनपुरा बांध में बारिश का पानी भरने लगा है। इस परियोजना का करीब महीनेभर पहले 23 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकार्पण किया था। डेम में पिछले एक माह में जलस्तर 10 मीटर बढ़ा है। इससे इसका लेवल 385 मीटर हो गया है। यदि अब इसमें 13 मीटर की बढ़ोतरी और होती है तो 398 के लेवल पर 28 गांव डूब में आ जाएंगे। इसके बावजूद प्रशासन डूब प्रभावित 11 गांवों को खाली नहीं करा सका है। शाहपुरिया और उदपुरिया गांव की आबादी से महज 15 से 20 मीटर दूर पानी रह गया। इसके बाद भी ग्रामीण गांवों को खाली नहीं कर रहे हैं। उन्हें समझाने के लिए रोजाना गांवों में टीम भी पहुंच रही है। इसके बाद भी ग्रामीण मुआवजा देने की मांग को लेकर गांव खाली तैयार करने को नहीं है। ऐसे में जिले के साथ ही नदी के ऊपरी मुहाने सीहोर व देवास की सीमा में पानी गिरा तो डेम में अचानक बारिश का पानी बढ़ जाएगा। इससे बड़ी मुसीबत खड़ी हो सकती है।

13 मीटर और भरा डेम तो डूबेंगे 28 गांव, 11 में नहीं हटे ग्रामीण
नेवज नदी में अचानक बढ़ा पानी तो डूब सकते हैं गांव, ढाई हजार लोग होंगे प्रभावित
मुआवजा और सुविधाएं न होने से नहीं हट रहे डूब प्रभावित
मोहनपुरा वृहद सिंचाई परियोजना के तहत जिलेभर के 28 गांव डूब क्षेत्र में आए हैं। इसमें से 11 गांव अभी खाली कराए जाने हैं। बारिश का सीजन शुरू हुए महीनाभर होने को आया, लेकिन प्रशासन इन गांवों को खाली नहीं करा सका। जबकि प्रशासन ने डूब प्रभावित लोगों को पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी करने का दावा किया है। वहीं ग्रामीण सुविधाओं के साथ ही मुआवजा व पुनर्वास की मांग को लेकर गांव खाली नहीं कर रहे है। ऐसे में नेवज नदी में अचानक पानी का तेज बहाव आ गया तो इन 11 गांव के ढाई हजार से अधिक परिवार डूब जाएंगे। ऐसे में आनन-फानन में प्रशासन के लिए यह गांव खाली कराना किसी मुश्किल से कम नहीं होगा। हालांकि इसके लिए प्रशासन ने रेस्क्यू दल गठित किया है। जो आसपास के पहुंच वाले इलाके में नाव के साथ ही अन्य संसाधन लेकर तैयारी में बैठा है।

खतरे की स्थिति: डेम में चढ़ा 10 मीटर पानी अब पानी बढ़ते ही डूबेंगे गांव
नेवज नदी के ऊपरी मुहाने यानी सीहोर जिले से लेकर राजगढ़ के परियोजना स्थल तक अगर अचानक तेज बारिश होती है तो नदी में पानी का तेज बहाव आएगा। इससे बांध में पानी बढ़ने लगेगा। महीनेभर पहले डेेम में 375.1 मीटर पानी था, जो अब बढ़कर 385 मीटर के आसपास पहुंच गया। यह पानी 398 मीटर तक पहुंचने पर सभी 28 गांव पूरी तरह से डूब जाएंगे। नदी बारिश के पानी की तेज धार बहकर आ रही है। इससे डेम का पानी रोजाना बढ़ रहा है। अगर अचानक बारिश तेज होती है तो प्रशासन के सामने यह 11 गांव खाली कराना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।

शनिवार को उदपुरिया गांव खाली कराने ग्रामीणों को समझाने पहुंच प्रशासन के दल के सदस्य।

डेम में 61.63 करोड़ घनमीटर आएगा पानी
नेवज नदी पर 38 अरब की लागत से मोहनपुरा वृहद सिंचाई परियोजना तैयार की गई है। इस परियोजना से 2021 तक एक लाख 34 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जाना है। इसके लिए डेेम में इसी साल पानी रोका जाएगा। इसके लिए तैयार डेम में 17 गेट लगाए है। इस डेम की 2700 मीटर लंबाई और 48.05 मीटर उंचाई है। जिसमें 61.63 करोड़ घनमीटर पानी भराएगा।

समय रहते सभी गांव खाली करा लिए जाएंगे
डूब प्रभावितों को गांव खाली करने टीम बनाई है, जो गांव-गांव जाकर रोजाना उन्हें समझा रहे है। डेम मे एक निश्चित लेवल (288 मीटर)तक पानी भरने के बाद रोका जाएगा, ताकि डूब प्रभावित परेशान न हो। हालांकि समय रहते सभी गांव खाली करा लिए जाएंगे। कर्मवीर शर्मा, कलेक्टर राजगढ़।

यह गांव होना है अभी खाली, ढाई हजार से अधिक है आबादी
परियोजना में डूब प्रभावित 11 गांव शामिल है, जिन्हें अभी खाली कराया जाना है। जिसमें समेली, टांडी, कलालपुरा, अभयपुरा, नाईहेड़ा, रायपुरिया, शाहपुरिया, उदपुरिया, संजय ग्राम, गोपालपुरा गांव को खाली कराया जाना है। जबकि 9 गांव पिछले साल खाली करा लिए थे। इन डूब प्रभावित 27 गांवों में 4 हजार 651 परिवार निवास करते है। विभाग ने 2 हजार 85 लोगों को 5 लाख का पुनर्वास पैकेज दिया है। वहीं 2 हजार 573 परिवारों को पुनर्वास की प्रकिया पूरी की जा रही है। इसके चलते ग्रामीण गांव खाली करने को तैयार नहीं है।

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